साधना है नृत्य, ईश्वर से होता है जुड़ाव: ममता
सहारनपुर। कत्थक गुरु ममता महाराज ने कहा कि नृत्य साधना और ईश्वर की वंदना करना है। आज के दौर में भी कत्थक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। वह प्रतिभाओं को उभारने के लिए हमेेशा प्रयास करती रहेंगी।
गोविंदनगर स्थित वैष्णवी नृत्यालय में पत्रकारों वार्ता में कत्थक गुरु और पद्म भूषण भूषण पंडित बिरजू महाराज की पुत्री ममता महाराज ने अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि कलाकार एक साधु होता है। नृत्य के रूप में की साधना से ईश्वर से जुड़ाव होता है। पहले जमाने में अभिभावक परिवार की लड़कियों को मंच पर नृत्य करने नहीं देते थे, लेकिन आज दौर बदल चुका है। अभिभावक चाहते हैं कि उनके परिवार बच्चियां नृत्य सीखें। हमारा प्रयास प्रतिभाओं को उभारना है, जो निरंतर जारी रहेगा। वैष्णवी नृत्यालय की डायरेक्टर रंजना नैब ने कहा कि शिक्षक दिवस के मौके पर प्रथम अंतर्राष्ट्रीय वैष्णवी नृत्य कला रत्न अवार्ड ममता महाराज को दिया जाएगा। सचिव अतुल नैब ने कहा कि रंजना नैब स्वयं कत्थक नृत्य के माध्यम से गुरु वंदन कर अवार्ड भेंट करेंगी। पूर्व विधायक राजीव गुंबर, पार्षद पुनीत चौहान, अवनीत कौर, करुणा प्रकाश, प्रिंसी, प्राजेश, नीरा नैब आदि मौजूद रहे।