सहारनपुर। नगर निगम बोर्ड की बैठक में महापौर और पार्षदों को मानदेय और अन्य सुविधाएं देने का प्रस्ताव रखा गया। महापौर ने किसी तरह का भत्ता लेने से मना कर दिया, मगर पार्षद अपनी मांग पर अडे़ रहे। उक्त प्रस्ताव को शासन को भेजने का निर्णय लिया गया। बाकी सभी प्रस्तावों को आंशिक संशोधन के साथ सर्वसम्मति से पास कर दिया गया।
शुक्रवार को हुई बोर्ड बैठक में प्रस्ताव संख्या 91 से प्रस्ताव संख्या 97 तक को रखा गया। पहले प्रस्ताव में 25 जून को हुई बोर्ड बैठक में प्रस्तुत किए गए प्रस्तावों की पुष्टि की गई। प्रस्ताव संख्या 92 में निरस्त किए गए नालों और नालियों की सफाई के 11 ठेकों से जुड़ा रहा। प्रस्ताव संख्या 93 में शहर को ओडीएफ बनाने के लिए की जा रही कवायद का जिक्र रहा। इस पर पार्षद मंसूर बदर ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कई वार्ड ओडीएफ घोषित किए जा चुके हैं, मगर उनमें आज भी अनेक लोगों के पास कच्चे शौचालय हैं। प्रस्ताव 94 सबसे महत्वपूर्ण रहा, जिसमें महापौर का मानदेय 50 हजार रुपये और अन्य सुविधाएं तथा पार्षदों का मानदेय 35 हजार रुपये करने की मांग रखी गई। इसे लेकर हंगामा भी हुआ। महापौर संजीव वालिया ने भत्ते लेने से इंकार कर दिया, मगर पार्षद अपना मानदेय 1500 रुपये से बढ़ाकर 35 हजार करने पर अड़े रहे। हालांकि बसपा पार्षद दल के नेता चंद्रजीत सिंह निक्कू ने मानदेय लेने से इंकार कर दिया। उनकी बात पर कुछ पार्षदों ने आपत्ति जताई। अंत में पार्षदों का मानदेय 35 हजार रुपये करने का प्रस्ताव शासन को भेजने का निर्णय लिया गया। मेला गुघाल की आय और व्यय से जुड़े प्रस्ताव संख्या 97 पर भी लंबी चर्चा हुई। मंसूद बदर ने मेले में चिकित्सा संबंधी बजट में बढ़ोत्तरी करने तथा सांप आदि के काटने के उपचार की व्यवस्था रखने की मांग की। चंद्रजीत सिंह निक्कू ने मेले में लगने वाले हिंडोलों और खान पान की चीजों की जांच कराने की मांग की, जिससे कोई अनहोनी घटना न हो। बैठक में महापौर संजीव वालिया और सभी 70 पार्षदों के साथ ही नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह, अपर नगरायुक्त/चीफ इंजीनियर निर्माण जितेंद्र केन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एके त्रिपाठी समेत नगर निगम के तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
नगर निगम बोर्ड की बैठक में रखे गए सभी प्रस्तावों पर पार्षदों ने अपने विचार दिए हैं। सभी प्रस्तावों को सर्व सम्मति से पास कर दिया गया है। मेला गुघाल में जन सुविधा पर पार्षदों ने अपनी राय रखी है, जिस पर अमल किया जाएगा। मेरी और नगरायुक्त की ओर से शहर को ओडीएफ और स्वच्छ बनाने के लिए पार्षदों से लोगों को जागरूक करने की अपील की गई है।
- संजीव वालिया, महापौर।