खेतों में घुसा यमुना का पानी, सैकड़ों बीघा फसलें डूबीं
सरसावा (सहारनपुर)। हथिनी कुंड बैराज से यमुना नदी में छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी से सरसावा तथा देहात क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति बन गई है। जबरदस्त उफान के कारण पानी यमुना की सीमा तोड़कर गांवों में घुस गया। शाहजहांपुर चौकी क्षेत्र के ग्राम झरौली बहलोलपुर, घंघोड़, हुसैनपुर, कुतुबपुर समेत कई गांवों में यमुना का पानी घुस गया है। खेत खलिहान में खड़ी धान की फसल को रौंदता हुआ सड़क पार कर गया। इस कारण शाहजहांपुर नकुड़ बाईपास मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया।
यमुना के किनारे बसे किसानों को तीन दिन की बरसात में ही भारी नुकसान पहुंचा। क्षेत्र के कुछ किसानों ने बताया कि शनिवार रात पानी के तेज बहाव ने यमुना की सीमा लांघकर गांवों की ओर रफ्तार पकड़ी तो ग्रामीणों की सांसे अटक गईं। हुसैनपुर, कुतुबपुर, घघोंड़ सहित अन्य गांवों के किसानों ने अपने खेतों को छोड़कर घरों की राह पकड़ी। उन्होंने अपनी फसलों को भगवान भरोसे छोड़ दिया।
क्षेत्र के लोगों के मुताबिक गांव कुतुबपुर के जयभगवान शर्मा तथा मोलकराज शर्मा का 25 बीघा का धान का खेत पूरी तरह पानी में डूब गया। ग्राम प्रधान पति कमल राणा ने बताया कि पानी से फसलों को नुकसान पहुंचने के साथ ही गांव की कुछ सड़कें भी पानी के साथ बह गईं। गांव के निवासी अनुज शर्मा ने बताया कि पानी के दबाव के कारण बिजली के खंभे टूट गए तथा सौ केवीए का ट्रांस्फार्मर पानी में बह गया। इसे गांव के लोगों ने रस्से डालकर पानी से बाहर खींचा। इसके अलावा क्षेत्र के अपलाना, मंधोर, ढिक्का, समसपुर, वाजिदपुर के खेत पानी में डूबे हुए हैं।
किसानों का कहना है कि अब वे अपने खेतों से पानी के उतरने और यमुना का जलस्तर कम होने का इंतजार कर रहे हैं। यदि यही हालात रहे तो बची फसल भी नष्ट हो जाएगी और उनके परिवारों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। बता दें कि पहले भी यमुना किनारे बसे गांवों फसलों को भारी नुकसान पहुंच चुका है।