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आसान नहीं शिवभक्तों की डगर, प्रशासन के दावों में दम नहीं

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आसान नहीं शिवभक्तों की डगर, प्रशासन के दावों में दम नहीं
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सहारनपुर। कांवड़ यात्रा शुरू होने जा रही है, लेकिन प्रशासन की तैयारियों के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। कांवड़ मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे हैं तो दो मुख्य पुलों की रेलिंग और फुटपाथ टूटी पड़ी हैं। इन परिस्थितियों में इस बार शिवभक्तों की डगर आसान नहीं दिखाई दे रही हैं।
बृहस्पतिवार को अमर उजाला टीम ने बृहस्पतिवार को कांवड़ मार्ग का भ्रमण किया तो जगह-जगह खतरा ही खतरा नजर आया। प्रशासन कांवड़ यात्रा के सुलभ और सुरक्षित होने का दावा कर रहा है। दर हकीकत यह है कि पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने सिर्फ बैठकें कर कांवड़ यात्रा का प्लान तैयार कर लिया, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई खास इंतजाम नहीं किए गए। शनिवार से कांवड़ यात्रा शुरू हो जाएगी। सहारनपुर के रास्ते हरियाणा, पंजाब, हिमाचल और पड़ोसी जनपदों के कांवड़िए हरिद्वार गंगाजल लेने जाएंगे और यहीं से वापस लौटेंगे।
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अंबाला हाइवे पर सड़क में जगह-जगह गड्ढे हैं। मेला गुघाल पुल पर कई जगह रेलिंग और फुटपाथ टूटी पड़ी हैं। बिजली के नंगे तार फुटपाथ से टच हो रहे हैं, जिससे बरसात में कभी फुटपाथ में करंट दौड़ सकता है। सड़क के दोनों तरफ अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर रखा है। यही हाल देहरादून हाइवे का है। घंटाघर से लेकर देहरादून चौक तक सड़क पर दोनों तरफ अवैध कब्जे हैं। ढमोला नदी पुल की एक तरफ की फुटपाथ पूरी तरह खत्म हो चुुकी है। पैदल जाने वाले कांवड़ियों के लिए चलने को जगह नहीं है। पुल की एक तरफ की रेलिंग टजूटी पड़ी है। जनकनगर के मोड़ पर करीब दस फीट गहरा गड्ढा है, जिसमें गिरकर आए दिन लोग चोटिल होते रहते हैं। देहरादून चौक से लेकर गागलहेड़ी तक सड़क में गड्ढे हैं। हालांकि, बिजली के खंभो पर प्रशासन द्वारा पन्नी लगवा दी गई है, लेकिन दावों अनुरूप प्रशासन व्यवस्था नहीं बना पाया है। इन परस्थितियों में शिवभक्तों की डगर आसान नहीं होगी।
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