गंगोह (सहारनपुर)। संविदा बहाली न होने और बकाया मानदेय न मिलने से आहत अखिल भारतीय साक्षरता प्रेरक महासंघ के गंगोह ब्लाक के शिक्षा प्रेरक कैराना लोकसभा चुनाव में नोटा का प्रयोग करेंगे। मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन प्रेषित कर उक्त निर्णय से अवगत कराया गया है।
ब्लाक अध्यक्ष गांव मोहड़ा निवासी योगेश चौधरी ने मुख्यमंत्री को प्रेषित किए गए ज्ञापन में कहा कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार प्रदेश सरकार द्वारा साक्षर भारत मिशन अंतर्गत प्रत्येक लोक शिक्षा केंद्र पर एक महिला और एक पुरुष को संविदा के आधार पर शिक्षा प्रेरक नियुक्त किया गया था। गंगोह ब्लाक में भी लगभग 240 लोगों की नियुक्ति की गई थी। 31 मार्च 2018 को शिक्षा प्रेरकों की संविदा समाप्त कर दी गई। उनका 20 माह का बकाया मानदेय भी भुगतान नहीं किया गया। इससे क्षुब्ध गंगोह ब्लाक के बेरोजगार शिक्षा प्रेरकों ने कैराना उपचुनाव में नोटा का प्रयोग करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो 2019 के लोकसभा चुनावों में भी प्रदेश के एक लाख पचीस हजार शिक्षा प्रेरक नोटा का ही बटन दबाने को मजबूर होंगे।