देवबंद (सहारनपुर)। मदरसा दारुल उलूम महमूदिया राज्जुपुर में दस्तारबंदी व पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें उच्च अंक प्राप्त कर मदरसा टॉप करने वाले तथा शत प्रतिशत उपस्थित रहने वाले छात्रों को विशेष पुरस्कार प्रदान किए गए।
सोमवार को राज्जुपुर गांव में आयोजित हुई कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि दारुल उलूम वक्फ के नायब मुफ्ती मौलाना इमरान ने कहा कि मदरसे दीनी तालीम के मजबूत किले हैं। जहां से छात्र इंसानियत का सबक पढ़कर पूरी दुनिया में शांति का पैगाम दे रहे हैं। कहा कि आज साजिश के चलते इस्लाम और मदरसों को खत्म किए जाने की कोशिशें की जा रही हैं। इसलिए छात्रों की जिम्मेदारी बनती है कि वह इस्लाम का दामन मजबूती के साथ पकड़े रखें और पूरी दुनिया के सामने इस्लाम और मुसलमानों की सही तस्वीर पेश करें। संस्था के मोहतमिम मौलाना आदिल कासमी ने कहा कि इस्लाम ने हमेशा भाईचारे का पैगाम दिया और दूसरों के मद्द करने के लिए प्रेरित किया है। जो लोग इस्लाम की शिक्षाओं पर सवाल खड़ा कर हैं पहले उन्हें इस्लामी तालीम के बारे में जानकारी हासिल कर लेनी चाहिए। उन्होंने छात्रों से मेहनत और लगन के साथ तालीम हासिल करने का आह्वान किया। इस दौरान उलमा ने छात्र मौ. फैसल, हाफिज मो. मोहसिन, समीर, फैज, जावेद और जैद की दस्तारबंदी की। जबकि 97 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले छात्र मौ. शोएब व मो. शाबान को विशेष पुरस्कार दिया गया। जबकि पूरे साल शत प्रतिशत उपस्थित रहने वाले छात्र मौ. बाबर को मेडल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। अध्यक्षता मुफ्ती इमरान व संचालन मौलाना आरिफ काशिफी ने किया। इस मौके पर कारी इकराम, मौलाना रिजवान, मौलवी नूर मोहम्मद, मौलाना आस मोहम्मद, कारी लुकमान, वसीम देहलवी समेत मदरसा छात्र मौजूद रहे।