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सीरिया में नरसंहार पर यूएनओ का ठोस कदम न उठाना चिंता का विषय: उलमा

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देवबंद (सहारनपुर)। राब्ता-ए-मदारिस-ए-इस्लामिया के दो दिवसीय इजलास में दुनिया के अलग अलग हिस्सों में इस्लाम दुश्मन ताकतों द्वारा बरपा किए जा रहे जंग के हालात विशेषकर सीरिया की वर्तमान स्थिति पर देश के कोने कोने से आए प्रमुख उलमा ने चिंता जाहिर की है।
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सोमवार की देर रात्रि संपन्न हुए इजलास में मदारिस-ए-इस्लामिया को उनके लक्ष्यों को पूरा करने के लिए एक्टिव बनाने, तमाम मदरसा प्रांतीय प्रणाली के साथ सहयोग करने का तरीका इख्तियार करने, सीरिया की स्थिति पर विशेष रुप से चिंता जाहिर करने और दिवंगत प्रसिद्ध उलमा के लिए शोक संदेश के प्रस्ताव पारित किए गए। सीरिया में हो रहे नरसंहार पर प्रमुख उलमा ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि पिछले पंद्रह-बीस वर्षों में जिस तरह इराक, अफ्गानिस्तान और लिबिया जैसे मुस्लिम मुल्कों के निजाम बरबाद किया गया वो कुछ कम नहीं था। अब मुल्क शाम (सीरिया) में मारकाट के हालात ने स्थिति को ओर घातक बना दिया है। सीरिया में आलिमी ताकतों और ईरान के शासक बशारुल असद ने बेकसूर नागरिकों का जो कत्लेआम किया है उसने हलाकु और चंगेज की रुहों को भी शरमा दिया है। इस पर संयुक्त राष्ट्र संघ का तमाशबीन वाला रवैया सख्त चिंता का विषय है। उलमा ने कहा कि इसी तरह बर्मा में रोहिंग्या मुसलमानों के साथ लगातार किए जा रहे जुल्मो सितम के खिलाफ आवाज बुलंद करने के बाद भी संयुक्त राष्ट्र संघ की मतरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यरुशलम में अमेरिकी दूतावास स्थापित किए जाने का ऐलान कर हालात को बेहद पेचीदा बना दिया है। जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसका पुरजोर विरोध भी हुआ। लेकिन ट्रंप ने अपने कदम पीछे नहीं खींचे। उलमा ने संयुक्त राष्ट्र संघ और विश्व शक्तियों से अपील की है कि वो इंसाफ के दोहरे पैमाने को छोड़कर इन समस्याओं के समाधान के लिए ईमानदारी के साथ अपना किरदार अदा करें।
इन दिवंगत उलमा के लिए पारित हुआ शोक प्रस्ताव
1. मौलाना अब्दुर्रहीम बस्तवी, उस्ताद दारुल उलूम
2. मौलाना शेख अब्दुल हक आजमी, शेखुल हदीस दारुल उलूम
3. मौलाना रियासत अली जफर बिजनौरी, पूर्व शिक्षा प्रभारी दारुल उलूम
4. मौलाना मोहम्मद अजहर रांची, सदस्य मजलिस-ए-शूरा दारुल उलूम
5. मौलाना समीउल्लाह खां, मोहतमिम जामिया कासमिया कराची
6. मौलाना अब्दुल हफीज, अमीर इंटरनेशनल खत्म-ए-नुबअत मूवमेंट
7. मौलाना शेख मोहम्मद युनूस जौनपुरी, शेखुल हदीस जामिया मजाहिर उलूम सहारनपुर
8. मौलाना असलम कासमी, सदर मुदर्रिस, दारुल उलूम वक्फ के अलावा मौलाना अनवार अहमद, मुफ्ती अब्दुल कय्यूम, मुफ्ती अहमद हसन, हकीम इलियास, मौलाना इस्माईल, मौलाना नसीम अहमद गाजी, मुफ्ती अब्दुल्ला फूलपुरी, मौलाना हयातुल्ला कासमी, मौलाना शेख मौ. मुस्तफा आजमी शामिल हैं।
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