सरकारी विभाग भी नगर निगम के कर्जदार
सहारनपुर। गृहकर जलकर के बकायेदारों में सरकारी विभाग भी शामिल हैं। मगर चाहकर भी नगर निगम विभागों के नाम सार्वजनिक नहीं कर पा रहा है। हालांकि गृह कर चुकाने के लिए नगर निगम की ओर से संबंधित विभागाध्यक्षों को कई बार नोटिस जारी कर चुका है। इसके बावजूद विभाग कर चुकाने को तैयार नहीं हैं।
नगर निगम का गृह कर और जल कर का करोड़ों रुपया लोगों पर बकाया है। नगर निगम सूत्रों ने करीब 15 से 20 करोड़ रुपये का बकाया बताया है। इनमें निजी भवनों पर पांच से दस लाख रुपये तक अधिकतम बकाया है। ऐसे बकायेदारों की संख्या 15 से 25 के बीच है, जबकि पांच दस लाख रुपये तक के बकायेदारों की संख्या 50 से अधिक बताई गई है। एक से पांच लाख रुपये तक के बकायेदारों की संख्या सैकड़ों में है। बड़े बकायेदारों में शहर के बड़े नेता और उद्यमी भी शामिल हैं। बकायेदारों में सरकारी विभाग भी शामिल हैं। मगर नगर निगम विभागों के नाम सार्वजनिक करने से डर रहा ै। सूत्रों के मुताबिक एक या दो विभागों को छोड़कर कोई भी विभाग कर नहीं चुका रहा है। इसकी वजह से नगर निगम अपनी इनकम नहीं बढ़ा पा रहा है। यही वजह है कि वर्ष 2017-18 में 13 करोड़ रुपये के सापेक्ष नगर निगम मात्र तीन करोड़ 94 लाख 82 हजार रुपये ही वसूल सका है।
नगरायुक्त गौरव वर्मा ने वसूली बढ़ाने के लिए वार्ड स्तर पर कैंप लगाने के निर्देश गृह कर विभाग के अधिकारियों को दिए हैं।
बड़े बकायेदारों के नाम होंगे सार्वजनिक
वसूली बढ़ाने के लिए नगर निगम बड़े बकायेदारों की सूची तैयार करने में जुटा है। इस सूची को सार्वजनिक करने की भी बात कही जा रही है। इससे पहले वर्ष 2009 में तत्कालीन नगरायुक्त आरएस चाहर ने नगर के 50 बड़े बकायेदारों की सूची अपने कार्यालय के बाहर होर्डिंग के जरिये सार्वजनिक की थी।