सहारनपुर। सोमवार सुबह से रुक रुककर हुई हल्की बारिश रबी सहित अन्य फसलों के लिए बेहद गुणकारी साबित होगी। आम और लीची की बहार के लिए भी इस बारिश का फायदा होगा। हालांकि आलू की जो फसल अभी खुदी नहीं है और पछेती सरसों के लिए हल्का नुकसान हो सकता है। इससे सभी फसलों की उत्पादकता बढ़ने की उम्मीद है।
सोमवार को हुई हल्की बारिश खेती के लिए वरदान साबित होगी। इससे गेहूं, सरसों, मसूर, चना और गन्ना सहित सभी फसलों को फायदा होगा। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि सोमवार की हल्की बारिश से जहां फसलों की सिंचाई हुई है, वहीं गेहूं और सरसों जैसी फसलों से माहू कीट का प्रकोप भी कम होगा। उन्होंने बताया कि मसूर और चना जैसे दलहनी फसलों में किसान हल्की सिंचाई नहीं कर पाते और अधिक पानी सेे इन फसलों को नुकसान हो जाता है। लेकिन यह हल्की बारिश दलहनी फसलों के लिए बेहद गुणकारी साबित होगी। इससे इन फसलों की उत्पादकता बढे़गी। उप कृषि निदेशक राजीव कुमार ने बताया कि सरसों की जिस पछेती फसल की अभी फ्लावरिंग स्टेज है उसके लिए बारिश में कुछ नुकसान हो सकता है। अन्य सभी फसलों को बारिश से फायदा है। गन्ने की पेड़ी में इस बारिश से फुटाव बढे़गा। उन्होंने बताया कि आम और लीची के बागों के लिए यह बारिश मुफीद रहेगी। इन बागों में अभी बौर निकल रहा है। बारिश से बाग की धुलाई हो गई है। इससे प्रकाश संश्लेषन की प्रक्रिया तेज होगी। जो बागों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी।