सहारनपुर। जिला कारागार में विभिन्न मामलों में वर्षों से बंद बुजुर्ग बंदियों को रिहा किया जाएगा। 70 वर्ष से अधिक उम्र के 22 बंदियों में से 19 बंदियों को गंभीर बीमारी से ग्रसित होने के चलते मेडिकल बोर्ड बैठक में रिहा करने का निर्णय लिया गया। जिनमें दो महिला बंदी भी शामिल है। डीएम के माध्यम से शासन को संस्तुति भेजी जाएगी।
सहारनपुर के जिला कारागार में गंभीर बीमारी के चलते आए दिन किसी न किसी बंदी की मौत हो रही है। जिसके चलते जिला जेल प्रशासन को काफी जवाबदेही होने लगी है। इसको लेकर जिला कारागार द्वारा गंभीर बीमारी से पीड़ित बुजुर्ग बंदियों को रिहा कराए जाने का निर्णय लिया। लगभग 14 वर्ष बाद मेडिकल बोर्ड की बैठक कराई गई। जिसमें जिला कारागार में बंद 70 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुष बंदी तथा 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिला बंदियों के स्वास्थ्य की जांच की गई। जिनमें 19 पुरुष बंदी और 3 महिला बंदियों के स्वास्थ्य की जांच की गई।
मेडिकल बोर्ड की अध्यक्षता एसीएमओ नरेश कात्यान ने की। सदस्य के रूम में डा. नितिन शर्मा, डा. आरके भारद्वाज, डा. वीरेंद्र सैनी एवं डा. नासिर खान शामिल रहे। बोर्ड ने दो महिलाओं समेत 19 बंदियों को वृद्धावस्था, असक्तता एवं गंभीर रोगों के आधार पर छोड़ने की अनुशंसा प्रदान की।
जेल अधीक्षक डाक्टर वीरेश राज शर्मा ने बताया कि इन 19 बंदियों की समय पूर्व रिहाई के लिए दया याचिका जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को भेजी जाएगा। शासन द्वारा इस पर निर्णय लिया जाएगा।
इन बुजुर्ग बंदियों को किया जाएगा समय रिहा
इसम सिंह पुत्र हरलाल , फतेहयाब उर्फ पलटू, अकरम खान, इमानुल्ला, जमशैद, इरशाद खान, दिलावर, सुल्तान, जरीफ, अलीहसन, इसम सिंह पुत्र दाताराम, बालकिशन, शकील पुत्र सराजू, मक्कड़, कौसर, शकील अहमद पुत्र कासिम, सुक्कड़, रुकसाना, सुदेशना शामिल हैं।