सहारनपुर। बेसिक शिक्षा विभाग के द्वारा पांच दिसंबर को डॉ. भीमराव अंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में कराई गई जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता में भी खेल कर दिया गया। विभाग ने खास स्कूलों को प्रतिभाग कराते हुए मात्र औपचारिकता पूरी की, जबकि सप्ताह भर से जिला स्तरीय प्रतियोगिता का इंतजार कर रहे ब्लॉक स्तर के चैंपियंस को सूचना तक नहीं दी गई। प्रतियोगिता होने के बाद ऐसे विद्यालयों के शिक्षक तक हैरान हैं, जबकि प्रतियोगिता की तैयारी में जुटे ब्लॉक स्तरीय विजेता आहत है।
बुधवार को डीएम से शिकायत करने कलक्ट्रेट पहुंचे रामपुर ब्लॉक के शिक्षकों ने बताया कि पिछले दिनों पूरे जनपद में परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों के बीच ब्लॉक स्तरीय खेल कूद प्रतियोगिताएं कराई गई थी। रामपुर ब्लॉक में बीआरसी पर 25 नवंबर को आयोजन हुआ था। जिसमें बड़ी संख्या में बच्चों ने प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया था। विभाग ने ब्लॉक स्तर पर विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत करते हुए उनकी सूची तैयार रखने के निर्देश प्रधान अध्यापकों को दिए थे। क्योंकि ब्लॉक स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को जिला स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल कराया जाना था। ऐसे में सभी चयनित खिलाड़ी जिला स्तरीय प्रतियोगिता की तैयारी में जुटे थे। शिक्षक भी बच्चों की तैयारी करा रहे थे। अब आरोप है कि विभाग ने पांच दिसंबर को डॉ. भीमराव अंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में जिला स्तरीय प्रतियोगिता गुपचुप तरीके से करा ली, जिसकी सूचना सभी विद्यालयों के प्रधान अध्यापकों को नहीं दी गई। प्रतियोगिता होने का पता उन्हें तब चला, जब छह दिसंबर को उन्होंने समाचार पत्रों में खबर और फोटो देखे। शिक्षकों ने बताया कि जिला स्तरीय प्रतियोगिता में सभी ब्लॉकों के चुनिंदा खिलाड़ियों को प्रतिभाग करना था, मगर विभाग ने खास विद्यालयों के बच्चों को प्रतिभाग कराकर प्रतियोगिता की औपचारिकता पूरी कर दी। इससे उन बच्चों को झटका लगा है, जो जिला स्तरीय प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए तैयारी में जुटे थे।
शिक्षक कह रहा बीईओ पर कार्रवाई करने की बात
बेसिक शिक्षा विभाग के काम भी अजब-गजब हैं। विभाग ने खेलों की जिम्मेदारी व्यायाम शिक्षक राशिद को सौंपी हुई है। जिला स्तरीय प्रतियोगिता का जिम्मा भी उन्हीं पर था। जब उनसे पूछा गया कि आपने सभी विद्यालयों को शामिल क्यों नहीं किया तो बताया कि उन्होंने जिला स्तरीय प्रतियोगिता की जानकारी सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को दे दी थी। यदि किसी खंड शिक्षा अधिकारी ने अपने विद्यालयों को सूचना नहीं दी है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यानी एक शिक्षक ब्लॉक स्तर के अधिकारी पर कार्रवाई करने की बात कह रहा है। इतना ही नहीं, जनपद में विद्यालयों की संख्या 1900 प्लस है। मगर राशिद छह हजार विद्यालय होने की बात कह रहे हैं। यानी उन्हें विद्यालयों की सही संख्या तक मालूम नहीं है।
जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता में जिस तरह से खास विद्यालयों को शामिल करने की बात सामने आ रही है। यदि उसमें सच्चाई है तो इस तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस संबंध में बीएसए से जवाब मांगा जाएगा।
अनुराधा शर्मा, एडी-बेसिक।