राष्ट्र गौरव के अपमान के आरोपी को पुलिस ने दी जमानत की छूट
सहारनपुर। राष्ट्र गौरव के अपमान एवं बवाल के आरोपी को गिरफ्तार करने की बजाय न सिर्फ कोतवाल ने अपने कक्ष में बैठाकर खातिरदारी की, बल्कि उसे राष्ट्र ध्वज के अपमान और राष्ट्रगान का विरोध करने के मामले से बाहर निकलने का रास्ता बताया। यही नहीं उसे कोर्ट से जमानत लेने के लिए भेज दिया। जबकि उसके आरोपी पिता को कोतवाली से ही खुद ही जमानत दे कर घर भेज दिया।
जिस महकमे को सरकार ने राष्ट्र सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंप रखी है, वही महकमा संविधान का खुलेआम मखौल उड़ा रहा है। सरकार ने मदरसों में राष्ट्रध्वज फहराने और राष्ट्रगान के आदेश दिए थे। ग्राम मवींकला स्थित मदरसा इस्लामिया बसतानुल मजाहिर उलूम में जब मदरसा कमेटी ने राष्ट्र ध्वज फहराने और राष्ट्रगान गाने का प्रयास किया। आरोप है कि उसी समय समाजवादी पार्टी के नेता गफूर ने राष्ट्रध्वज फहराने और राष्ट्रगान का विरोध करते हुए अपने साथियों के साथ मिलकर मदरसे में हमला कर दिया। पथराव किया और फायरिंग की गई। जिसमें कई लोग घायल भी हुए।
सदर कोतवाली पुलिस इस मामले में गफूर के पिता, भाई, भतीजे समेत आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लेकर थाने पहुंची। उसके बाद सपा नेता गफूर कोतवाली में पहुंचा। कोतवाली में वह सीधे कोतवाल कक्ष में पहुंचा। कोतवाली प्रभारी ने न सिर्फ हाथ मिलाया बल्कि अपने सामने बैठाकर उसे चाय, नाश्ता कराकर जमकर खातिरदारी की। यही नहीं उसे पूरी मदद करने का आश्वासन देकर उसके पिता को थाने से ही जमानत दे दी। इतना ही नहीं दर्ज कराई गई एफआईआर में राष्ट्र गौरव के आरोपी गफूर को पुलिस कार्रवाई से बचने, जमानत कराए जाने के रास्ते बताए और उसे कोर्ट जाकर जमानत कराए जाने की छूट दे दी। उसे गिरफ्तार करने की बजाय, कोतवाली प्रभारी उसे विदा करने के लिए बाहर तक आए। उसके बाद सपा नेता गफूर कोर्ट में वकील लेकर पहुंचा और जमानत की कार्रवाई कराई।
मामले की जांच कराकर होगी कार्रवाई
इस संबंध में एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं है। राष्ट्रगान का कोई विरोध नहीं हुआ। जो झगड़ा हुआ था, उसमें तीन लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है। इस मामले का कोई अपराधी थाना में पुलिस के सामने गया हो, ऐसा संभव नहीं है। इस प्रकार का कोई मामला है तो उसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
--। मदरसे में अध्यापक है आरोपी
राष्ट्र गौरव अपमान का आरोपी सपा नेता गफूर ग्राम मवींकला स्थित मदरसा इस्लामिया बसतानुल मजाहिर उलूम में अध्यापक भी है। इसका भतीजा शाहनवाज भी आरोपी है जो इस कमेटी में सचिव बताया जा रहा है। इसके अलावा एक अन्य आरोपी भी इसी मदरसे में अध्यापक है यह आरोपी विकास भवन में संविदा कर्मी के रूप में भी कार्य कर रहा है। अध्यापकों के वेतन के लिए इस मदरसे को सरकार से इमदाद भी मिल रही है।