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जवानों की शहादत पर छलका दर्द

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बड़गांव (सहारनपुर)। वर्ष 2017 में 21 जुलाई को क्षेत्र के गांव भगवानपुर निवासी किसान जसबीर सिंह का बेटा जयद्रथ जम्मू के राजौरी सेक्टर की सुंदरबनी पोस्ट पर पाक सेना की तरफ से अचानक हुई गोलीबारी का जवाब देते हुए शहीद हो गया था।
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बृहस्पतिवार को दिल दहला देने वाले आतंकी हमले की खबर के बाद से शहीद जयद्रथ सिंह के पिता की आंखों के सामने एक बार फिर अपने बेटे की शहादत की याद ताजा हो गई। आंखों के आंसुओं को छिपाते हुए जसबीर सिंह ने कहा कि बार्डर पर आखिर देश के नौजवान इस तरह कब तक शहीद होते रहेंगे। हम अपनी मातृ भूमि की रक्षा की खातिर अपने जवान बेटों को सेनाओं में क्या इसलिए ही भेजते हैं। न जाने कितनी माताओं के लाल देश की रक्षा में इस तरह शहीद हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब उचित समय आ गया है माताओं के इन लाल की शहादतों का बदला लेने को भारत सरकार को हर हाल में पाक को करारा जवाब देना चाहिए। कहा कि उन्हें अपने बेटे जयद्रथ की शहादत पर गर्व है कि वह भारत माता की रक्षा के लिए शहीद हुआ है। शहीद जयद्रथ के पिता जसबीर सिंह का कहना है कि उनका दूसरा बेटा अर्जुन भी सेना में देश रक्षा के लिए जम्मू में ही तैनात है। वहीं, शहीद जयद्रथ के तीसरे भाई रामकरण का कहना है उनका भाई देश की रक्षा करते हुए कुर्बान हुआ। भारत सरकार आतंकवाद और आतंकवाद को पनाह देने वाले पाक को अब शीघ्र सबक सिखायें। तभी मेरे भाई और देश की खातिर जान देने वाले वीर शहीदों का बदला पूरा होगा। नहीं तो न जाने कितने भारत मां के सपूत ऐसे ही शहीद होते रहेंगे। भगवानपुर निवासी कानसिंह राणा, जसबीर सिंह, शिवकुमार, विपिन कुमार, प्रदीप सिंह आदि का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी भारत सरकार को अब हरहाल में पाकिस्तान से बदला लेना चाहिए।
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