अच्छे नंबरों वाले अभ्यर्थियों को रास नहीं आई संविदा परिचालक की नौकरी
सहारनपुर। मेरिट हाई है, फिर संविदा परिचालक की नौकरी कैसें करें। किसी अच्छी जगह पर अच्छे पद पर नौकरी करेंगे। सहारनपुर में रोडवेज को मिले 175 में से 75 संविदा परिचालक ट्रेनिंग बीच में ही छोड़कर बिना बताए ही चले गए। जिससे इन पदों के लिए मेरिट को फिर से नीचे लाने की तैयारी की जा रही है।
सहारनपुर में संविदा परिचालक के 333 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया अगस्त में शुरू की गई। इसके सापेक्ष 19642 आवेदकों ने आवेदन किया। लेकिन जब भर्ती शुरू हुई तो मेरिट काफी ऊंची चली गई। सामान्य की मेरिट 78 प्रतिशत से अधिक, जबकि ओबीसी की 83 प्रतिशत से भी अधिक रखी गई है। यही नहीं अनुसूचित वर्ग की भी मेरिट 79 प्रतिशत से अधिक रखी गई है। इतनी ऊंची मेरिट देख अभ्यर्थियों ने भी फर्जी प्रमाण पत्र लगा दिए। जब काउंसलिंग हुई तो फर्जीवाड़ा सामने आ गया। जिसके चलते मात्र 175 लोगों का ही चयन हो सका और उनकी ट्रेनिंग शुरू कराई गई। हाई मेरिट के अभ्यर्थियों को रोडवेज बसों में परिचालक बनाकर ट्रेनिंग के लिए भेजा। चार दिन की ट्रेनिंग भी पूरी नहीं हो सकी और अभ्यर्थियों का एक के बाद छोड़कर जाना शुरू हो गए। उन्हें संविदा परिचालक की नौकरी रास नहीं आई। हाई मेरिट लेकर भी संविदा परिचालक जैसी नौकरी करना अच्छा नहीं लगा। अभ्यर्थियों का कहना है कि हाई मेरिट लेकर कहीं अच्छे विभाग में अच्छे पद पर नौकरी करेंगे। सड़कों पर धक्के क्यों खाएं। न रात का पता कि कहां बीते और न दिन का पता कि कहां गुजरे।
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक का कहना है कि ट्रेनिंग के दौरान ही 75 अभ्यर्थी नौकरी छोड़कर चले गए। उन्हें संविदा परिचालक बनना पसंद नहीं आया। अब मेरिट को फिर से कम किया जा रहा है। उम्मीद है कि रोडवेज को शीघ्र ही नए परिचालक मिल जाएंगे।