सहारनपुर। जिले में ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए सरकार के पास बजट नहीं है। शासन ने 11 विकास खंडों में खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित करने की गाइड लाइन तो जारी कर दी, लेकिन इसके लिए मात्र 12-12 हजार रुपये का बजट ही दिया है। इतनी धनराशि में युवा कल्याण विभाग प्रतियोगिता तो दूर खिलाड़ियों के लिए नाश्ते का इंतजाम भी सही से नहीं कर पाता है।
जनपद के 11 विकास खंडों में खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित करना प्रस्तावित है। शासन ने गाइड लाइन जारी कर प्रतियोगिता के माध्यम से विभिन्न खेलों का आयोजन करने के निर्देेश दिए हैं। ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिल सके और उनका बड़ी प्रतियोगिता के लिए चयन हो सके, लेकिन प्रत्येक विकासखंड के लिए मात्र 12-12 हजार रुपये का ही बजट दिया गया है। युवा कल्याण विभाग के मुताबिक एक अच्छी खेलकूद प्रतियोगिता कराने में करीब एक लाख रुपये का खर्च आता है। ऐसे में मात्र 12 हजार रुपये मिलना ऊंट के मुंह जीरे जैसा है।
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खेलकूद के लिए जिला योजना में बजट नहीं
सहारनपुर। पिछले दिनों हुई जिला योजना समिति की बैठक में जनपद के तमाम विकास कार्यों के लिए शासन को 410 करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन इसमें खेलकूद के लिए बजट शून्य रखा गया है। जिला पंचायत सदस्य संदीप चौधरी और नक्षत्रपाल ने खेलकूद के लिए अलग से बजट देने की मांग की थी। ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ी प्रोत्साहित हो सकें।
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जनपद के 11 विकासखंड़ों में खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित होंगी, लेकिन शासन की ओर से प्रत्येक विकास खंड के लिए मात्र 12-12 हजार रुपये का ही बजट मिला है। इतनी कम धनराशि में अच्छी खेलकूद प्रतियोगिता कराना संभव नहीं है।------ब्रजपाल सिंह, जिला युवा कल्याण अधिकारी