सहारनपुर। यदि किसी चालक का लाल बत्ती अथवा यातायात के दूसरे नियमों का उल्लंघन करने में चालान होगा तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। यही नहीं भाड़े के वाहन को स्कूली बच्चों के लाने और ले जाने में प्रयोग करने के लिए मालिक अथवा चालाक को इलाके के दारोगा से अनिवार्य रुप से अनुमति लेनी होगी। प्रदेश के पुलिस मुखिया ने ओपी सिंह ने कुशीनगर हादसे का संज्ञान लेकर यह एडवाइजरी जारी की है। पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर स्कूली वाहनों में नियमों के पालन कराने हेतु 15 दिन का विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि पुलिस को सख्ती से यातायात नियमों का पालन कराने के निर्देश दिए हैं। खासतौर से यातायात नियमों के उल्लंघन के आदी चालकों को स्कूली बस चलाने की इजाजत किसी भी कीमत पर ना दी जाए। इसके लिए स्कूल प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों की भी जिम्मेदारी तय की जाए।
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यह दिए निर्देश-
- प्रत्येक स्कूली वाहन के लिए सक्षम अधिकारी से परमिट प्राप्त होना चाहिए।
- प्रत्येक स्कूल वाहन पर आगे और पीछे आन स्कूल ड्यूटी लिखा जाए।
- किसी भी स्कूली वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को ना बैठाए जाए।
- स्कूली वाहन में फर्स्ट एड बाक्स और पीने योग्य पानी की व्यवस्था की जाए।
- चालक द्वारा सीट बेल्ट अनिवार्य रूप से लगाई जाए।
- स्कूली वाहन पर स्कूल का नाम, टेलीफोन नंबर, चालक का नाम, पता, डीएल और मोबाइल नंबर अवश्य दर्शाया जाए।
- वाहन पर परिवहन और पुलिस के हेल्प लाइन नंबर दर्ज होने चाहिए।
- चालक को कम से कम पांच साल का वाहन चलाने का अनुुुभव होना चाहिए।
- यातायात संबंधी अपराध का रिकार्ड चालक के खिलाफ नहीं होना चाहिए।
- स्कूली बस में चालक के साथ परिचालक भी होना जरूरी
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डीजीपी के निर्देश के अनुपालन में स्कूली वाहनों में तमाम नियमों का पालन कराने के लिए रेेंज के पुलिस अधिकारियों को 15 दिन का विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों की अनदेखी करने वाले चालकों का लाइसेंस निरस्त कराने की संस्तुति करने को कहा गया है।
- शरद सचान, पुलिस उप महानिरीक्षक।