गंगोह (सहारनपुर)। आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानंद सरस्वती महाराज की 144वीं जयंती परंपरागत रूप से हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। यज्ञ उपरांत उनके बताये रास्ते पर चलने का संकल्प दोहराया गया।
आर्य समाज में आयोजित यज्ञ के मुख्य यजमान आर्य कन्या इंटर कॉलेज के अध्यक्ष जगपाल आर्य और पुरोहित आर्य प्रचारक डॉ. वीरसिंह भावुक रहे। उन्होंने महर्षि दयानंद सरस्वती के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वह भारतीय जनता के उद्धारक एवं राष्ट्रीय चेतना आंदोलन के प्रतीक थे। उन्होंने महिला सम्मान एवं सामाजिक समरसता के लिए कार्य किया। उन्होंने आर्य समाज की दिशा एवं दशा पर गहन चिंतन करके महर्षि के सपनों को साकार करने पर बल दिया। जगपाल आर्य ने भजनों के माध्यम से महर्षि के सत्यमार्ग पर चलने और वसुधैव कुटुम्बकम के लक्ष्य की प्राप्ति पर बल दिया। संजय आर्य ने भी धन्य है तुमको ए ऋषि, तूने हमें जगा दिया भजन प्रस्तुत कर जन जागरण करने का कार्य किया। आर्य समाज प्रधान ताराचंद आर्य, मंत्री रमेश आर्य, देवेंद्र आर्य, नरसिंह आर्य, ऋषिपाल आर्य, डॉ. जयमल सैनी, अजय आदि रहे।