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लिंक नहर से पानी की मांग को लेकर धरने पर बैठे किसान

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बड़गांव (सहारनपुर)। गंगा की लिंक नहर से नल्हेड़ा रजबहे से पानी की मांग को लेकर 10 गांवों के किसान एक बार फिर धरने पर बैठ गये हैं। क्षेत्रीय किसान पिछले कई वर्षों से नल्हेड़ा रजबहे में पानी की मांग करते चले आ रहे हैं। धरने की सूचना के बाद सिंचाई विभाग सहारनपुर के अधिकारी भी किसानों के बीच पहुंचे।
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क्षेत्र से होकर बह रही देवबंद चैनल फीडर की गंगा की लिंक नहर से किसानों को पानी सप्लाई नहीं किया जा रहा है। लगभग 12 वर्ष पहले जब इस नहर की खुदाई चल रही थी तभी से किसान क्षेत्र के लिए इस नहर से खेतों की सिंचाई के लिए पानी की मांग करते चले आ रहे हैं। दरअसल नल्हेड़ा रजबहे में कई वर्ष से पानी नहीं आ रहा है। इससे क्षेत्र के किसान नाराज हैं। क्षेत्र के जड़ौदा पांडा, जयपुर, किशनपुरा, बालुमाजरा, लौटनी, उमरीमजबता, मौरा, झबीरन आदि गांवों के सैकड़ों किसानों की जमीन इस रजबहे के आसपास पड़ती है। शुक्रवार को इन गांवों के कुछ किसान बडूली गांव स्थित गंगा की लिंक नहर के किनारे धरने पर बैठ गए। किसान अरविंद त्यागी ने बताया कि शनिवार से धरने को भूख हड़ताल में परिवर्तित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब वे किसी भी बहकावे में नहीं आएंगे। पानी नहीं तो आगामी लोक सभा चुनाव में वोट भी भाजपा के खिलाफ दिया जाएगा।
धरने के दौरान ही आम आदमी पार्टी की नेत्री मंजू राणा और सुनीता चौहान भी पहुंची। इस मौके पर कर्मवीर सिंह सभापति सहकारी समिति जड़ोदापांडा, बिजेंद्र मौरा, कुशल पाल, पिंटू, किसान संगठन के गौरव राणा, सत्यपाल सिंह, ब्रजेश पुुंडीर, नीटू त्यागी, इसम सिंह, कर्ण सिंह सहित काफी लोग मौजूद रहे।
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दोपहर बाद धरने की सूचना के बाद सहारनपुर से सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश कुमार, जेई शशिकांत, प्रविंद्र सींचपाल भी धरनारत किसानों के बीच पहुंचे लेकिन पीड़ित किसान अपनी जिद पर अड़े रहे। इसे पहले दो बार पानी की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन, भूख हड़ताल, विधान सभा उप चुनाव बहिष्कार कर चुके हैं। उधर, सिंचाई विभाग के अभियंता सतीश कुमार ने बताया कि नल्हेड़ा रजबहे की क्षमता बढ़ाने के लिए विभाग ने परियोजना बना कर शासन के पास भेजी गई है लेकिन गंगा की लिंक नहर से पानी देने का निर्णय शासन स्तर का है।
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