सहारनपुर। नेेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की रोक के बाजवूद जिले में अवैध खनन के मामले सामने आ रहे हैं। एनजीटी ने खनन के परिवहन पर भी रोक लगा रखी है। इसके बावजूद पुलिस चौकी सहित कई इलाकों में खनन उतारा गया है। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि रोक के बावजूद कहां से खनन आ रहा है?
जिले में खनन पर एनजीटी ने रोक लगा रखी है। मामले की जांच सीबीआई कर रही है। अवैध खनन के आरोप में प्रशासन द्वारा लगातार शिकंजा कसा गया। मामले में एक एमएलसी के रिश्तेदार को भी जेल भेजा गया था। खनन को लेकर मामला एनजीटी में विचाराधीन है। इसके बावजूद भी जनपद में अवैध खनन होने और खनन परिवहन के मामले सामने आ रहे हैं। एक तरफ अधिकारी विकास कार्य बंद होने का कारण खनन पर रोक बता रहे हैं। वही, दूसरी तरफ सरकारी महकमों में ही निर्माण कार्य चल रहे हैं। कोतवाली सदर बाजार की खलासी लाइन पुलिस चौकी में निर्माण कार्य चल रहा है। चौकी के बाहर भारी मात्रा में रेत और बजरी पड़ा है। इसी तरह सर्किट हाउस रोड पर एक पूर्व विधायक के निवास के आसपास भी खनन सामग्री पड़ी हुई है। कई अन्य विभागों में भी खनन की रोक के बावजूद कार्य चल रहा है, लेकिन आम आदमी के लिए बाजार में खनन सामग्री नहीं है। इससे साफ है कि पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों की शह पर अवैध खनन हो रहा है। रोक के बावजूद हो रहे अवैध खनन को पिछले दिनों प्रभारी व कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बेहट क्षेत्र में छापा मारकर पकड़ा था। तब तत्कालीन कोतवाली बेहट इंस्पेक्टर सहित चार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई थी, लेकिन इसके बाद भी खनन कहां से आ रहा है, इस पर पुलिस-प्रशासन का ध्यान नहीं है। उधर, डीएम पीके पांडेय का कहना है कि मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड से लाया जा रहा है अवैध खनन
सहारनपुर में अवैध खनन से जुड़े गैंग ने अफसरों की शह पर उत्तराखंड से खनन का परिवहन शुरू कर दिया है। रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर यहां अवैध तरीके से खनन पहुंचाया जा रहा है। आलम यह है कि बिहारीगढ़ और फतेहपुर थानों की सीमा से सैकड़ों वाहन खनन से लदे सहारनपुर में लाए जा रहे हैं। मगर, पुलिस की ओर से इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।