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समर्थकों में भी चलता रहा खुशी और मायूसी का दौर

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समर्थकों में भी चलता रहा खुशी और मायूसी का दौर
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सहारनपुर। नगर निगम के मेयर और पार्षद पदों की मतगणना को लेकर समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। प्रत्याशियों के समर्थक सुबह आठ बजे ही पहुंच गए थे, मगर प्रशासन ने बैरीकेटिंग कर उन्हें मतगणना स्थल से 200 मीटर पहले ही रोके रखा। भीड़ का आलम यह रहा कि जनता रोड तिराहे पर पैदल तक निकलने वालों को मुश्किल रही। मतगणना शुरू होने के बाद जैसे ही किसी प्रत्याशी के बढ़त बनाने की सूचना उन तक पहुंचती तो वह जोश के साथ नारे लगाकर खुशी का इजहार करते।
मतों की गणना सुबह आठ बजे शुरू हो गई थी। समर्थकों को जनता रोड तिराहे और दूसरी साइड चकहरेटी में रोक दिया गया था। मगर कुछ समर्थक कालोनियों के बीच से होकर मतगणना स्थल के आसपास पहुंचे थे। समर्थकों में सबसे अधिक क्रेज मेयर सीट को लेकर था। शुरुआती राउंड में बसपा के फजलुर्रहमान आगे थे। इसकी सूचना जैसे ही उनके समर्थकों को मिली तो उन्होंने जिंदाबाद के नारे लगाकर खुशी मनाई। छह राउंड तक बसपा समर्थक खुशी से उछलते नजर आए, जबकि भाजपा, कांग्रेस और सपा के समर्थक शांत रहे। मगर छह राउंड के बाद भाजपा प्रत्याशी संजीव वालिया ने बढ़त बना ली। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। अंतिम राउंड तक बसपा और भाजपा के बीच मुकाबला रहा। ऐसे में सपा और कांग्रेस के ज्यादातर समर्थक अपने प्रत्याशी को मुकाबले से बाहर मान चुके थे। इसकी वजह से वह 11 बजे के बाद लौटना शुरू हो गए थे। मतों की गणना करीब दो बजे तक चली। एक समय भाजपा प्रत्याशी 35 हजार मतों तक आगे निकल गए। ऐसे में बसपा समर्थकों में सन्नाटा पसरा रहा। 21 राउंड के बाद बसपा के खाते में फिर से वोटों की संख्या बढ़नी शुरू हुई। अंतत: भाजपा प्रत्याशी विजयी हुए। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने ढोल धमाकों के साथ थिरकना शुरू कर दिया। प्रमाण पत्र मिलने के बाद जैसे ही संजीव वालिया भीड़ में आए तो समर्थकों ने उन्हें ऊपर उठा लिया। इसके बाद वह समर्थकों के साथ जुलूस की शक्ल में घर पहुंचे।
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जीत की सूचना मिलते ही पहुंचे सांसद और अन्य
भाजपाइयों को जैसे ही संजीव वालिया की जीत की सूचना मिली तो वह तुरंत मतगणना स्थल पर पहुंचे। इनमें सांसद राघव लखनपाल शर्मा, पूर्व विधायक राजीव गुंबर, मनोज चौधरी, जिलाध्यक्ष बिजेंद्र कश्यप समेत तमाम पदाधिकारी शामिल रहे। उन्होंने मतगणना स्थल के भीतर ही पत्रकारों से वार्ता कर जनता का आभार व्यक्त किया।

जीत का जश्न मनाने की तैयारी करके पहुंचे थे बसपाई
बसपा कार्यकर्ताओं को मेयर सीट पर फजलुर्रहमान की जीत का पूरा भरोसा था। यही वजह है कि भाजपाइयों के साथ ही बसपाई भी जीत का जश्न मनाने की तैयारी करके पहुंचे थे। जीत के बाद रोड शो करने के लिए खुला चौपहिया वाहन, खुली जीप और अन्य चौपहिया वाहनों पर झंडे लगाकर तथा बाइकों पर झंडे लगाकर और ढोल नगाड़े लेकर पहुंचे थे। अंत में मेयर सीट पर संजीव वालिया की जीत की घोषणा हो चुकी थी, मगर अफवाह उड़ी कि बसपा रीकाउंटिंग करा रही है। यही वजह रही कि दो बजे परिणाम आने के बावजूद बसपा प्रत्याशी समर्थक साढ़े तीन बजे तक बाहर डटे रहे। मगर जैसे ही उन्हें पता चला कि रीकाउंटिंग नहीं हो रही है। इसके बाद वह मायूस होकर लौटे।
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हेलो, भाई साहब मेयर सीट पर कौन जीत रहा
मतगणना स्थल पर प्रत्याशियों और उनके एजेंटों का मोबाइल लेकर जाना बैन था। ऐसे में प्रत्याशी समर्थक लगातार मीडियाकर्मियों को फोन करते रहे। उनकी ओर से पूछा जाता रहा कि मेयर की सीट कौन जीत रहा है और गिनती में कौन आगे है। कुछ वार्डों में पार्षदों की जीत को लेकर भी काफी उत्सुकता नजर आई।
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दुरुस्त रही प्रशासन की व्यवस्था
मतगणना स्थल से 200 मीटर के दायरे में बेरीकेडिंग की गई थी, जिनपर भारी पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों, कर्मचारियों, पुलिस कर्मियों और मीडियाकर्मियों के अलावा किसी व्यक्ति को मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं थी। पुलिस ने सख्ती के साथ व्यवस्था को बनाने का काम किया। प्रेक्षक मुकेश मेश्राम ने करीब दो घंटे मतगणना स्थल पर रहकर स्थिति देखी। डीएम और एसएसपी शुरू से अंत तक डेरा डाले रहे। इसके अलावा सीडीओ, एडीएम और तमाम एसडीएम तथा एसपी सिटी समेत अनेक पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे और व्यवस्था बनाई।
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