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कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को बताए बीज शोधन के लाभ

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सहारनपुर। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को बीज शोधन कर बुआई करने के फायदे बताए। उन्होंने कहा कि इससे सिर्फ करनाल बंट और लूज स्मट जैसे रोगों से बचाव होता है बल्कि गेहूं का अंकुरण अच्छा होने से उत्पादन भी बढ़ता है।
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कृषि विज्ञान केंद्र में चलाए जा रहे बीज शोधन अभियान में किसानों को इसके लाभ बताए गए। केवीके प्रभारी डॉ. सत्यप्रकाश ने कहा कि बीज को हमेशा ही शोधित करके बोना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीज जनित खुला कंडुआ रोग फसल को बुरी तरह प्रभावित करता है। जिसके चलते गेहूं का उत्पादन में कमी आ जाती है। सह निदेशक फसल सुरक्षा डॉ. आईके कुशवाहा ने कहा कि बीज को पूर्व कार्बेंडिजियम 25 प्रतिशत, मैंकोजेब 50 प्रतिशत, स्प्रिंट फफूंदी नाशक की 100 ग्राम मात्रा को 40 किलोग्राम गेहूं के बीज में मिलाकर बुआई करने से दो दिन पूर्व रख दें। दवा को मिलाने के बाद पानी का प्रयोग नहीं होना है। उन्होंने कहा कि करनाल बंट और लूज स्मट जैसे रोगों पर नियंत्रण केवल बीज शोधन करके ही किया जा सकता है।
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