सहारनपुर। शहर की सूरत बिगाड़ रहे अवैध निर्माणों पर विकास प्राधिकरण अब सख्त कार्रवाई के मूड में नजर आ रहा है। यही कारण है कि शहर के 20 बड़े अवैध निर्माणों को चिह्नित कर उन्हें ध्वस्त करने के लिए बाकायदा बोर्ड से मंजूरी ले ली है। बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद अब इन पर कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक बैठक होगी। इसमें एसएसपी सहित अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण का समय नियत किया जाएगा। इसमें सूचीबद्ध अवैध निर्माणों को इसी आधार पर ध्वस्त किया जाएगा। शहर में अवैध तरीके से बनाए गए बड़े कॉप्लेक्स के खिलाफ अभियान की खबर से हड़कंप मचा हुआ है। कारण, ज्यादातर अवैध निर्माणों को बिल्डर्स ने बेच दिया है और इसमें दूसरे व्यापारिक गतिविधियां शुरू हो गई है। ऐसे में विकास प्राधिकरण के सामने भी इस अभियान को शुरू करना चुनौती हो सकता है।
स्मार्ट सिटी की रेस में शामिल सहारनपुर में पिछले कई सालों से अवैध निर्माण धड़ल्ले से हो रहे हैं। यही कारण है कि संकरी गलियों में बिना किसी स्वीकृति के बड़े-बड़े कामर्शियल कॉप्लेक्स तैयार कर लिए गए हैं। प्राधिकरण ने कार्रवाई की कोशिश तो कागजी खानापूर्ति कर मामले को दबाए रखा गया। शहर के सुनियोजित विकास के लिए अब ध्वस्तीकरण अभियान को प्रभावी रुप से चलाने का फैसला किया गया है। यही कारण है कि मंडलायुक्त की अध्यक्षता वाले विकास प्राधिकरण के बोर्ड में पहले चरण में ऐसे 20 बड़े अवैध निर्माण रखे गए, जिनके नक्शे किसी सूरत में स्वीकृत नहीं हो सकते। बोर्ड ने इन अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने का आदेश पारित कर दिया है। मंडलायुक्त ने निर्देश दिया है कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक बैठक कर अभियान शुरू करने से पहले इसे सूचीबद्ध किया जाए। एसएसपी की मौजूदगी से पुलिस की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए, ताकि अभियान को प्रभावी तरीके से चलाया जा सके। विकास प्राधिकरण के अधिकारी अब डीएम की अध्यक्षता वाली बैठक की योजना में जुटे हैं।
इन अवैध निर्माणों पर चलेगी जेसीबी
नेहरू मार्केट स्थित बनर्जी मार्केट, दिल्ली रोड स्थित दो बड़े कॉप्लेक्स, बोमनजी रोड स्थित निर्माणाधीन मार्केट, जामा मस्जिद के पास स्थित निर्माणाधीन मार्केट, दालमंडी पुल मार्केट, कुतुबशेर थाने के सामने का मार्केट, घंटाघर स्थित तीन अवैध निर्माण, गुरुद्वारा रोड स्थित तीन निर्माण सहित पुराने शहर में अवैध निर्माण चिह्नित किए गए हैं।
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सील के आदेश कागजों में ही दबे
अवैध निर्माणों पर विकास प्राधिकरण की कार्रवाई अब तक प्रभावी रूप से नहीं चल रही है। यही कारण है कि सील के आदेश जारी होने के बाद पुलिस की अनुपलब्धता के चलते कई अवैध निर्माणों पर सील नहीं लग पा रही है। सदर थाने के ठीक सामने चल रहे बार और रेस्टोरेंट, लैब और अन्य प्रतिष्ठान वाली बिल्डिंग पर सील के आदेश जारी होने के बाद कार्रवाई नहीं हो पाई है। हालांकि विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने इस मामले में सख्त कार्रवाई के आदेेश दिए हैं।
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अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई शुरू करने की योजना है। इसके लिए पहले चरण में 20 बड़े अवैध निर्माण चिह्नित कर उनके खिलाफ ध्वस्तीकरण के लिए बोर्ड से मंजूरी ली गई है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक के बाद सूचीबद्ध कर अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान चलेगा।
मनोज कुमार, उपाध्यक्ष, विकास प्राधिकरण