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स्वाइन फ्लू के प्रति गंभीर नहीं स्वास्थ्य विभाग

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स्वाइन फ्लू के प्रति गंभीर नहीं स्वास्थ्य विभाग
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सहारनपुर। जिले में स्वाइन फ्लू के दो केस सामने आ चुके हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसको लेकर गंभीर नहीं दिखाई दे रहा है। जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू को लेकर की गई व्यवस्थाएं सिर्फ खानापूर्ति हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पूरे प्रदेश में स्वाइन फ्लू के करीब 500 केस की पुष्टि हो चुकी है। बुधवार को नानौता निवासी एक प्रधान अध्यापिका की इस बीमारी से मौत हो गई। इससे पूर्व एक अन्य केस सहारनपुर में सामने आ चुका है। स्वाइन फ्लू को लेकर लोगों में दहशत का माहौल बना है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग इस बीमारी के प्रति गंभीर नहीं दिखाई दे रहा है। जिला अस्पताल में न्यू मेडिकल वार्ड सी में स्वाइन फ्लू और डेंगू के मरीजों के लिए वार्ड बनाया गया है। वार्ड में मात्र सात बेड लगाए गए हैं। एक तरफ चिकित्सक कहते हैं कि स्वाइन फ्लू वायरल बीमारी है, जो लोगों के संपर्क में आने से तेजी से फैलती है। वहीं दूसरी तरफ जिला अस्पताल में एक वार्ड में स्वाइन फ्लू के साथ डेंगू के मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था की गई है। सीएमएस डॉ. सत्य सिंह का कहना है कि अस्पताल में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं। अभी तक कोई स्वाइन फ्लू का मरीज नहीं आया है। पर्याप्त रूप से उसकी दवाएं भी उपलब्ध हैं।
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निजी अस्पतालों में हो रही पुष्टि
नानौता के मोहल्ला सरायज्ञान निवासी प्रधान अध्यापिका 55 वर्षीय संयोगिता पत्नी धर्मपाल की बुधवार को स्वाइन फ्लू से मौत हो गई। देहरादून के एक निजी अस्पताल में संयोगिता के स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हुई थी। सहारनपुर के एक परिवार का बेटा मेरठ में रहता है, जिसे स्वाइन फ्लू होने की जानकारी मेरठ स्वास्थ्य विभाग ने सहारनपुर स्वास्थ्य विभाग को दी है। स्वास्थ्य विभाग असमंजस में है कि युवक को स्वाइन फ्लू सहारनपुर में हुआ या मेरठ में। विभागीय सूत्रों की माने तो इस युवक को स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि निजी अस्पताल में हुई है, जिसका अब मेरठ मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है।

क्या करें
- भीड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचें
- बार-बार हाथ धोने की आदत डालें।
- बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर सरकार अस्पताल में संपर्क करें।
- एक-दूसरे के मुंह की तरफ छींकने व खांसने से बचें।
- कपड़ों को डिटरजेंट से धोएं। दूसरे कपड़ों को अलग में रखें और धूप में सुखाएं।
- फ्लू होने की स्थिति में घर पर आराम करें।

क्या ना करें
- अनावश्यक यात्रा ना करें।
- पॉजिटिव रोगी के संपर्क में आने से बचें।
- किसी रोगी के पास मुंह पर मास्क लगाए बिना ना जाएं।
- डॉक्टर की सलाह के बिना टैमीफ्लू दवाई न खाएं।
- बच्चे में खांसी या जुकाम हो सात दिन स्कूल ना भेजें।
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