शिक्षा के नुकसान की भरपाई करेगा 100 दिन का समृद्ध कार्यक्रम
सहारनपुर। कोरोना काल में शिक्षा के नुकसान की भरपाई के लिए बेसिक शिक्षा विभाग 100 दिन का समृद्ध कार्यक्रम चलाने जा रहा है। इसमें परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक कक्षा एक से पांच तक के करीब 80 हजार विद्यार्थियों का आकलन करेंगे कि बच्चे का स्तर क्या है। भाषा और गणित के आधार पर आकलन होगा।
कोरोना के चलते परिषदीय विद्यालय करीब 11 माह तक पूरी तरह बंद रहे। मगर पठन-पाठन को जारी रखने के लिए सरकार ने ऑनलाइन तथा मोहल्ला पाठशालाएं चलाईं। मगर ज्यादातर अभिभावकों के पास स्मार्ट फोन या फिर नेटवर्क ठीक नहीं होने की वजह से बच्चे ऑनलाइन शिक्षा से जुड़ नहीं सके। इसके अलावा मोहल्ला पाठशालाओं में भी उपस्थिति कम रही। ऐसे में ऑनलाइन और मोहल्ला पाठशालाओं से जुड़े विद्यार्थियों और ना जुड़ने वाले विद्यार्थियों के बीच अंतर आ गया है। इसी अंतर को दूर करने के लिए सरकार ने प्रेरणा ज्ञानोत्सव के तहत 100 दिन का समृद्ध कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया है। इनमें शिक्षक भाषा और गणित के आधार पर बच्चों का आकलन करेंगे। उसके बाद उसी आधार पर बच्चों को पढ़ाएंगे।
यह भी चल रहा कार्यक्रम
परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के ज्ञान के स्तर को समझने के लिए एक कार्यक्रम और चल रहा है। इसमें शिक्षक बच्चों का बेस लाइन असेसमेंट देख रहे हैं। यानी बच्चे का स्तर क्या है। फिर उसी प्रकार से बच्चों के स्तर में सुधार के लिए 48 दिन तक प्वाइंट टू प्वाइंट तैयारी कराकर एंडलाइन असेसमेंट करेंगे।
कोरोना के चलते हुए शिक्षा के नुकसान की भरपाई के लिए 100 दिन का समृद्ध कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसमें बच्चों का गणित और भाषा के आधार पर मूल्यांकन कर उपचारात्मक शिक्षा दी जाएगी।
- रमेंद्र कुमार सिंह, बीएसए