सहारनपुर। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना तथा मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान को शुरू हुए करीब 28 माह बीत चुके हैं। जनपद में दोनों योजनाओं के पात्र व्यक्तियों की संख्या 6,85000 है, मगर अभी तक मात्र 1.16 फीसदी लोगों ने ही योजना के तहत इलाज लिया है।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना मार्च 2019 में शुरू हुई थी। इसके बाद अन्य लोगों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के माध्यम से आयुष्मान योजना के साथ अटैच किया गया है। जिले भर में योजना के लाभार्थी परिवारों की संख्या 1,38,010 (एक लाख, 38 हजार 10) है। जिनके सदस्यों की संख्या 6,85000 (छह लाख 85 हजार) है। खास बात यह है कि बीते 28 माह में 6,85000 लोगों में से मात्र आठ हजार ही लोगों ने ही योजना के माध्यम से इलाज कराया है। जिनकी संख्या 1.16 फीसदी बैठती है। इसके बावजूद इलाज देने के मामले में सहारनपुर का स्थान प्रदेश में सातवां है। यानी प्रदेश के अन्य मात्र छह जनपदों में सहारनपुर से अधिक लोगों को इलाज दिया गया है। शेष जनपदों में इलाज पाने वालों का प्रतिशत 1.16 से भी कम है।
गोल्डन कार्ड बनवाने में भी लापरवाही
जनपद में योजना के पात्र लोग गोल्डन कार्ड बनवाने में भी लापरवाही बरत रहे हैं। 6,85000 लोगों के सापेक्ष मात्र 1,92000 ही लोग गोल्डन कार्ड बनवा सके हैं। खास बात यह है कि ज्यादातर लोगों ने गोल्डन कार्ड तब बनवाए हैं, जब उन्हें गंभीर अवस्था में भर्ती होना पड़ा है। योजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि पहले से गोल्डन कार्ड बनवाकर रखने से इमरजेंसी की स्थिति में इलाज मिलने में परेशानी नहीं रहती है।
योजनाओ की स्थिति
- कुुल लाभार्थी परिवार - 138010 (115023 आयुष्मान भारत योजना, 22987 मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान)
- कुल लाभार्थी सदस्य करीब - 685000
- योजना से जुड़े अस्पताल - 48 (24 राजकीय अस्पताल, 24 प्राइवेट अस्पताल)
- अभी तक बने गोल्डन कार्ड - 192000
----- वर्जन
आयुष्मान योजना के तहत इलाज देने के मामले में सहारनपुर प्रदेश में सातवें स्थान पर है। अभी तक करीब आठ हजार लोगों को सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में इलाज दिया गया है। प्रयास यही है कि योजना में शामिल लोगों को जरूरत पड़ने पर बेहतर इलाज दिलाया जा सके।
-- डॉ. सुशील गुप्ता, कार्यक्रम समन्वयक, आयुष्मान भारत योजना सहारनपुर।