नागल के फतेहपुर गांव में किसान जनेश्वर और उनकी पत्नी मेमता ने घर पर जहरीला पदार्थ निगल लिया। इसके बाद दोनों को सीएचसी ले जाया गया। गंभीर हालत के चलते दोनों को हायर सेंटर रेफर कर दिया। छोटा बेटा एक साल पहले सड़क हादसे में घायल हुआ था, तभी से दोनों मानसिक तनाव में चल रहे हैं।
शनिवार दोपहर करीब 12 बजे जनेश्वर और उनकी पत्नी मेमता कमरे में अकेले थे। कुछ देर बाद उनका बेटा प्रिंस कमरे में पहुंचा, जहां पर दोनों बेसुध हालत में पड़े हुए थे और मुंह से झाग निकल रहे थे। उनके पास में जहरीले पदार्थ के पाउच मिले। इसके बाद आनन-फानन दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के चलते चिकित्सक ने हायर सेंटर रेफर कर दिया।
परिवार के लोगों का कहना है कि जनश्वेर के पास करीब आठ बीघा जमीन है, जिससे परिवार का पालन-पोषण होता है। बड़ा बेटा विनय बाहर नौकरी करता है और प्रिंस व सन्नी साथ में रहते हैं। छोटा बेटा सन्नी करीब एक साल पहले सड़क हादसे में घायल हो गया था, तभी से उसका उपचार चल रहा है। इसमें काफी खर्चा भी आया। फिर भी वह पूरी तरह से ठीक नहीं है। बेटे की इस हालत को लेकर दंपती काफी तनाव में रहते हैं। आशंका जताई जा रही है कि मानसिक तनाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया है।
उधर, पुलिस का कहना है कि जहरीला पदार्थ निगलने की जानकारी मिली थी, लेकिन अभी तक कोई तहरीर नहीं आई है।
दो बेटे और बेटी की हो चुकी शादी
जनेश्वर के तीन बेटे और एक बेटी है। प्रिंस, विनय और एक बेटी की शादी हो चुकी है। जबकि छोटा बेटा प्रिंस अविवाहित है। करीब एक साल पहले बाइक और कार की टक्कर हुई थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।