एक महिला की आबरू उसका ननदोई कई महीने तक लूटता रहा। इसके बाद तो पति ने भी उसे स्वीकार करने से मना कर दिया। दर-दर की ठोकर खाने के बाद उसने गुरुवार को पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है।
उसने पति, ननदोई और इस पूरे प्रकरण में शामिल परिजनों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामला रिश्तेदारों से जुड़ा होने के चलते अभी चुप्पी साधे हुए है।
हलधरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती की शादी सात दिसंबर 2012 को घोसी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। शादी के बाद कुछ दिन संबंध ठीक चला। इधर विवाहिता की तबीयत भी आए दिन खराब रहने लगी। पति ने इलाज के लिए उसे अपने बहनोई के पास उसके घर भेज दिया।
गरीबी की विवशता और पति के आदेश को वह टाल नहीं पाई लेकिन उसकी किस्मत इस निर्णय से जरूर खराब हो गई। महिला का कहना है कि उसका ननदोई उसकी आबरू से खेलना शुरू कर दिया।
विरोध करने पर इलाज न कराने और उसे कहीं का न छोड़ने की धमकी देता रहा। इस बीच वह उसे इलाज कराने के नाम पर मुंबई लेकर चला गया। यहां ननदोई का भाई रहता है। कुछ दिनों तक यहां भी आबरू लुटती रही।
कुछ दिनों बाद उसका ननदोई उसे लेकर घर आ गया और उसकी ससुराल जाने को कहा लेकिन पति ने भी उसे ठुकरा दिया।