‘जिसे भगवान माना था, वही राक्षस निकला। मेरे घर की इज्जत से खिलवाड़ करने वाले दुष्कर्म के आरोपी संत आसाराम को सजा-ए-मौत मिलनी चाहिए। मुझे कानून पर पूरा भरोसा है। पुलिस पूरी मदद कर रही है, फिर भी जरूरत पड़ी तो सीबीआई से जांच की मांग उठाऊंगा। बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए आखिरी सांस तक लड़ता रहूंगा, इसके लिए मुझे चाहे कोई भी कुर्बानी क्यों न देना पड़े। किसी धमकी या दबाव से हरगिज नहीं डरूंगा।’
यह कहना है पीड़ित लड़की के पिता का। मंगलवार को देर रात जोधपुर से उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर लौटने के बाद मीडिया के बीच उन्होंने अपना दुख दर्द बांटा। उन्होंने कहा कि वह आसाराम के खिलाफ कोई साजिश नहीं रच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि संत ने उनकी बेटी के साथ जो कृत्य किया वह बहुत शर्मनाक है। मैं ही नहीं, दुनिया का कोई भी पिता अपनी बेटी की इज्जत पर कीचड़ उछालकर रंजिश नहीं निकालेगा, अगर कोई ऐसा कहता है तो वह गलत है।
उन्होंने कहा कि मेरी लड़की के साथ जो भी हुआ है, उसका मैं खुद गवाह हूं। उन्होंने बताया: जिस कमरे से आसाराम उसकी बेटी को खींचकर ले गए थे उसमें शीशे लगे हुए थे। अंदर की आवाज बाहर नहीं आ सकती थी।
पीड़ित बेटी के पिता ने कहा कि वह और उनका परिवार आसाराम को भगवान की तरह पूजते थे, लेकिन अब वह बेनकाब हो चुके हैं। आसाराम ने उन्हें कहीं का भी नहीं छोड़ा है। बेटी को इंसाफ दिलाने की खातिर वह प्रत्येक अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्हें न्यायपालिका और पुलिस पर भरोसा है।
आसाराम चाहे जितनी भी धमकियां दे लें इससे वह डरने वाले नहीं हैं। ऐसे ढोंगी और कुकर्मी संत को फांसी दे देनी चाहिए। लड़की के पिता अपने उस बेटे को भी साथ लाए हैं जो छिंदवाड़ा गुरुकुल में बंधक बना था। अब पीड़ित परिवार इस समय अपने घर पर पुलिस के पहरे में है।
पीड़ित का कहना था कि अब उन पर दुष्कर्म के आरोपी से मुलाकात करने पर दबाव डाला जा रहा है।