रामपुर। गोरखपुर में हुए छात्र दीपक गुप्ता हत्याकांड के मामले में फरार एक लाख का इनामी तस्कर शुक्रवार रात हुई पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। मुठभेड़ के दौरान फायरिंग में एक उप निरीक्षक समेत दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे। जुबैर पूर्वी उत्तर प्रदेश में गो तस्करी का धंधा संचालित करता था। आरोपी के तीनों भाई भी गोतस्करी में शामिल रहे हैं। इन पर रामपुर जिले में 38 मुकदमे दर्ज हैं। इसमें गैंगस्टर से लेकर गो तस्करी, गोवध के मामले अधिक हैं।
जुबैर परिवार के साथ घेर मर्दान खां थाना रामपुर क्षेत्र में रहता था। पांच साल से वह पूर्वी यूपी में रह रहा था। रामपुर में कभी-कभी आता जाता था। जुबैर के तीन भाई सालिब, उवैद और जैद हैं। सालिब पर आठ, जैद पर छह और उवैद पर 24 मुकदमे दर्ज हैं। जुबैर पर 17 मुकदमे दर्ज थे। पुलिस के अनुसार दो वर्ष से तीनों भाई गो तस्करी के काम से दूर हैं। जुबैर पूर्वी उत्तरप्रदेश में गैंग चलाता था। उसी क्षेत्र में गो तस्करी करता था।
गोरखपुर से भागकर रामपुर आया
जुबैर ने जब गोरखपुर में छात्र की हत्या की तो वह वहां कि पुलिस से बचने के लिए भागकर रामपुर आ गया। शुक्रवार से पहले वह कहां-कहां रहा। उसको किसने संरक्षण दिया। पुलिस इसकी भी तलाश कर रही है। इसके साथ ही जुबैर के साथ शुक्रवार रात फरार हुए आरोपी की भी पुलिस तलाश कर रही है।
पुलिस ने घटना स्थल से जुटाए सबूत
शनिवार को पुलिस टीम सीओ जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में चाकू चौराहा स्थित घटना स्थल पर पहुंची। टीम ने मौके से सबूत जुटाए। साथ ही कारतूस के खाली खोखे, घटनास्थल की मिट्टी आदि के नमूने भी लिए। उधर, पुलिस घटनास्थल में मिली मोटरसाइकिल स्वामी की भी तलाश कर रही है। पुलिस को अंदेशा है कि मोटरसाइकिल चोरी की हो सकती है।
रामपुर जिला गोकशी के लिए है मशहूर
20 महीनों में 86 अभियुक्त, 85 गिरफ्तार
गैंगस्टर एक्ट में 79 मामले दर्ज
रामपुर। जिला गोकशी के प्रसिद्ध हैं। उत्तराखंड बॉर्डर से लगते हुए इस जिले में एक जनवरी 2024 से 27 सितंबर 2025 तक 20 मामले दर्ज किए गए। जिले में गो तस्करी के छह गैंग चलते हैं। पुलिस ने इसमें से 52 गो तस्करों को गिरफ्तार किया। जिसमें 39 आरोपियों पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हुए और जुबैर मुठभेड़ में मारा गया है।
जिले में 20 महीने में 85 आरोपियों को गो तस्करी में पकड़ा जा चुका है। पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत 79 अभियुक्तों पर कार्रवाई की, जबकि गुंडा एक्ट में 39 पर कार्रवाई की गई। 39 आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है। एक आरोपी से पुलिस ने 1.05 लाख रुपये भी जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार 10 वर्षों में गोकशी के अपराधों में कल 2386 अभियुक्त को गिरफ्तार किया जा चुका है।