स्वार। पसियापुरा में तेंदुए की अफवाह से खलबली मच गई। जंगल में घूमते तेंदुए का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सूचना पर वन विभाग की टीम गांव पहुंची। जांच में फोटो फर्जी निकला। युवक के मोबाइल में एआई से तैयार तेंदुए का फोटो मिला। वन रेंजर ने युवक की जमकर फटकार लगाई और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
रविवार को सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हो गया। इसमें तेंदुआ पसियापुरा के जंगल में घूमता दिखाया गया है। इससे गांव में खौफ का माहौल हो गया। सूचना मिलते ही वन विभाग में भी खलबली मच गई। टीम गांव पहुंच गई।
वन रेंजर ठाकुर विजय सिंह ने पड़ताल की तो फोटो फर्जी निकला। युवक का मोबाइल चेक किया गया। उसमें एआई से तैयार तेंदुए का फोटो मिला। फोटो वायरल करने वाले युवक को ग्रामीणों के सामने बुलाया गया। रेंजर ने उसे फटकार लगाई।
आरोप है कि गांव की राजनीति में प्रधान से प्रतिद्वंद्विता के चलते युवक ने एआई से फोटो तैयार कर वायरल की थी। युवक ने ग्रामीणों के सामने अपनी गलती स्वीकार कर माफी मांगी और दोबारा ऐसी हरकत न करने का भरोसा दिलाया।
प्रधान, मस्जिद के इमाम समेत अन्य ग्रामीणों ने युवक के खिलाफ कार्रवाई न करने का अनुरोध किया। इस पर वन विभाग ने उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया।
इसके बाद गांव में मुनादी कराई गई। ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई। बताया गया कि जंगल में किसी वन्यजीव के होने की पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीण घबराएं नहीं।
रेंजर ठाकुर विजय सिंह ने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर फर्जी फोटो या वीडियो वायरल कर वन्यजीव की अफवाह फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि दोबारा ऐसी हरकत सामने आई तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बिना पुष्टि के किसी भी सूचना को प्रसारित न करें।
गौरतलब है कि तीन दिन पहले भी क्षेत्र में तेंदुए के शावक देखे जाने की सूचना फैली थी। वन विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर जंगल में तलाश की थी। जांच में तेंदुए के शावक नहीं, बल्कि टीम को जंगली बिल्लियां मिली थीं। इसके बाद अब एआई से बनाई गई फर्जी फोटो वायरल होने से ग्रामीणों में फिर अफरा-तफरी मच गई।