धमोरा (रामपुर)। शहजादनगर थाना क्षेत्र में एक अपंजीकृत क्लीनिक पर दवाई लेने आए एक युवक की मौत हो गई। जिस पर परिजनों ने गलत इलाज करने का आरोप लगाते हुए क्लीनिक संचालक से नोकझोंक शुरू कर दी। शोर सुनकर आसपास के भी कई लोग मौके पर एकत्र हो गए तो वही युवक के भाई ने अन्य परिजनों और परिचितों को भी मौके पर बुला लिया। बाद में घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
शहजादनगर थाना क्षेत्र के बबूरा गांव निवासी इंद्रजीत के भाई नरेंद्र (23) को बुधवार सुबह आठ बजे बुखार और गले में परेशानी होने पर धमोरा स्थित एक अपंजीकृत क्लीनिक पर दवा दिलाने आया था। इस दौरान संचालक ने इलाज के नाम पर कोई इंजेक्शन और दवा की एक बोतल दी। जिसके बाद उसके भाई की हालत और बिगड़ने लगी। करीब दो घंटे बाद उसकी मौत हो गई। भाई की मौत से वो सदमे में आ गया और रोना शुरू कर दिया। बाद में उसने घटना की सूचना अपने परिजनों और परिचितों को दी और मौके पर ही बुला लिया। जिसके बाद अपंजीकृत क्लीनिक संचालक से कहासुनी होने लगी। शोर सुनकर क्लीनिक के आसपास मौजूद अन्य लोग मौके पर जमा हो गए। जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। बाद में पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। क्षेत्राधिकारी केमरी ओंकार नाथ शर्मा ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है, अभी परिजनों की ओर से कोई तहरीर नही मिली है, तहरीर मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।