किताब का बोझ, क्लासमेट से आगे रहने की होड़ और दूसरे स्कूल-कालेज के मेधावियों को टक्कर देते हुए अव्वल साबित होने का जुनून...। यह कंपटीशन ही बच्चों में मानसिक तनाव का बड़ा कारण बन रहा है।
इसके दुष्परिणाम शारीरिक स्वास्थ्य के रूप में भी सामने आ रहे हैं। इससे निपटने के लिए सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के स्कूल-कालेजों ने ‘योग’ का सहारा लिया है। अधिकतर स्कूलों में योग की क्लासेज चलाई जा रही हैं। क्लास वन से लेकर इंटरमीडिएट तक के बच्चों को इन योग क्लासेज में भेजा जा रहा है।
शहर के दयावती मोदी अकादमी, व्हाइट हाल पब्लिक स्कूल, सेंट पाल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, केंद्रीय विद्यालय, मार्डन पब्लिक स्कूल, साईं गर्ल्स पब्लिक स्कूल, किड्स गार्डन स्कूल में योग की क्लासेज चलाई जा रही हैं।
योग प्रशिक्षकों की खासतौर पर इसके लिए नियुक्तियां की गई हैं। इन योग प्रशिक्षकों का काम बच्चों को उनकी उम्र के लिहाज से जरूरी योग क्रियायें सिखाना है।