सपा नेता आजम खां ने यतीमखाना बस्ती खाली कराने के मामले में कोर्ट में पांच हजार रुपये हर्जाना जमा किया। कोर्ट में गवाह सुरजीत सिंह की गवाही पूरी नहीं हो सकी, अब सुनवाई 20 जनवरी को होगी। बस्ती खाली कराने से जुड़े 12 मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं।
यतीमखााना बस्ती को खाली कराने के मामले में कोर्ट में सपा नेता आजम खां ने हर्जाने के रूप में पांच हजार रुपये जमा कर दिए। उन पर दस जनवरी को कोर्ट ने 10 हजार रुपये का हर्जाना लगाया था। इसके बाद कोर्ट में गवाह बिजनौर के स्योहारा में तैनात दरोगा सुरजीत सिंह ने गवाही दी जो कि पूरी नहीं हो सकी।
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अब इस मामले की सुनवाई 20 जनवरी को होगी। शहर कोतवाली में क्षेत्र की यतीमखाना बस्ती को खाली कराने के नाम पर लूटपाट, मारपीट व डकैती के 12 मुकदमे दर्ज कराए गए थे। यह सभी मामले बस्ती में रहने वाले लोगों ने दर्ज कराए थे। यह सभी मामले कोर्ट में विचाराधीन है। इन सभी मामलों की सुनवाई एक साथ चल रही है।
दस जनवरी को सपा नेता के अधिवक्ता ने संभल में तैनात इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार वर्मा और बिजनौर के स्योहारा में तैनात उपनिरीक्षक सुरजीत सिंह को कोर्ट में गवाही के लिए दोबारा बुलाने का प्रार्थना पत्र दिया था, जिस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन पर दस हजार रुपये के हर्जाना लगाते हुए उनका प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया था।
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शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएमएलए सेशन कोर्ट में हुई। कोर्ट में सपा नेता की ओर से पांच हजार रुपये जमा कराए गए। उसके बाद कोर्ट में मौजूद बिजनौर के स्योहारा में तैनात दरोगा सुरजीत सिंह ने कोर्ट में पेश होकर गवाही दी। इस दौरान सपा नेता के अधिवक्ता ने उनसे जिरह की जो कि पूरी नहीं हो सकी। अब इस मामले की सुनवाई 20 जनवरी को होगी।