जियारत हल्के वाली जर्जर गली की हालत। संवाद
रामपुर। नगर पालिका की अनदेखी और उपेक्षा के चलते बोर्ड बैठक में पास प्रस्ताव भी धरातल पर नहीं उतर सके हैं। शहर में जर्जर और गड्ढेयुक्त सड़कें पालिका की अनदेखी बयां कर रही हैं। चंद सड़कों पर काम हुआ, वो भी खानापूर्ति के लिए। शहर की जर्जर सड़कों को मरहम का इंतजार है। बोर्ड बैठक में पास अन्य कई प्रस्ताव भी अधर में लटके हैं।
नगर पालिका बोर्ड की सितंबर 2024 में हुई बैठक में 100 करोड़ के 34 प्रस्तावों पर मुहर लगी थी। इनमें सबसे अहम प्रस्ताव संख्या-14 थी, जिसमें 141 इंटरलॉकिंग सड़कें थी। इन सड़कों के निर्माण पर काम होना था। प्रस्ताव पास हुए लंबा समय हो गया, लेकिन चंद सड़कों पर काम होने के बाद इतिश्री कर ली गई। ्र इसके बाद अधिकतर सड़कें अभी भी जर्जर हाल पड़ी हुई है, इन पर काम नहीं हो सका है। इन सड़कों का हाल यह है कि इंटरलॉकिंग उखड़ चुकी है और इन पर मिट्टी भरी हुई है। कई जगह तो सड़क इतनी ऊबड़-खाबड़ हो चुकी है कि लोग चोटिल हो चुके है। वार्ड नंबर-14 में पड़ताल करने पर पता चला कि यहां जियारत हल्के वाली गली की इंटरलाॅकिंग सड़क कई जगह से उखड़ चुकी है और काफी समय से यह इसी तरह से पड़ी है। इस सड़क का न तो टेंडर हुआ और न ही इस पर काम हो सका। लोग रात को यहां से हटबचकर निकल रहे है। इसके साथ वार्ड नंबर 23 मोहल्ला छिपियान बढ़यान में इंटरलॉकिंग का कार्य चल रहा था, लेकिन ठेकेदार ने बीच में काम छोड़ दिया और चलता बना। ऐसे में यह काम भी अधूरा पड़ा है। इसी तरह कई अन्य सड़कें हैं, जिन पर काम नहीं हो सका है। मोहल्ला पनवड़िया में भमरौआ रोड का भी यही हाल है। यहां पर इंटरलॉकिंग उखड़ चुकी है और इसके निर्माण के लिए प्रस्ताव पास किया गया था, लेकिन इसका निर्माण भी नहीं हो सका है। यही हाल काशीराम कॉलोनी में ब्लॉक नंबर 29 तक सड़क का है। यहां पर सड़क जर्जर हाल है और पालिका अभी इसकी मरम्मत नहीं करा सकी है।