क्षेत्र के मानपुर उत्तरी गांव में झोलाछाप की दवा से महिला की एक आंख की रोशनी चले जाने का मामला स्वास्थ्य विभाग ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है। वहीं, झोलाछाप डाक्टर पीड़ित महिला के परिजनों पर मामले के रफा-दफा कराने का दबाव बनाकर इसे दबाने में लगा है।
10 अप्रैल को तहसील क्षेत्र के गांव मानपुर निवासी फारुख की पत्नी रशीद जहां की एक आंख लाल हो गई थी। इस पर फारुख उसको गांव स्थित निजी चिकित्सक के पास ले गया था। चिकित्सक ने महिला की आंख देखकर खाने की दवा दी थी और आंख में सुबह शाम डालने के लिए ड्राप दिया था। ड्राप डालते ही महिला की हालत बिगड़ गई थी। उसकी एक आंख की रोशनी गायब हो गई थी।
इस पर महिला के पति ने झोलाछाप चिकित्सक को नामजद कर कार्रवाई के लिए तहरीर पुलिस को दी थी। 12 अप्रैल को खबर छपते ही प्रशासन सहित स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था। नोडल प्रभारी डिप्टी सीएमओ डा. अनवर सादात के निर्देश पर सीएचसी प्रभारी इंदूकांत वर्मा को गांव पहुंच कर पीड़ित महिला रशीद जहां से खाने वाली दवाई, आंख में डालने वाले ड्राप, और झोलाछाप चिकित्सक के क्लीनिक के बारे में जानकारी कर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट नोडल प्रभारी डिप्टी सीएमओ को भेजी थी।
6 दिन बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक झोलाछाप डाक्टर के खिलाफ कोई भी एक्शन नहीं लिया। वहीं, परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक कार्रवाई से बचने के लिये उनको पैसे का लालच दे रहा है। साथ ही मामला रफादफा करने के लिए जबरदस्त दवाब बनाने में लगा है। प्रभारी चिकित्साधिकारी इंदूकांत वर्मा ने बताया कि शीघ्र नोडल प्रभारी डिप्टी सीएमओ डा. अनवर सादात द्वारा कोतवाली में झोलाछाप चिकित्सक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।