रामपुर। मैसर्स श्याम हेल्पिंग इनसाइज कंपनी से नगर पालिका का अनुबंध हो चुका है। अब कुत्ते पकड़ने और उनका बधियाकरण के लिए टीम को प्रशिक्षण के लिए लखनऊ नगर निगम भेजा गया है, जहां टीम को कुत्ते पकड़ने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण अब पूरा होने वाला है और एक हफ्ते के भीतर रामपुर में इनको पकड़ने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
शहर में 43 वार्ड हैं और इन वार्डों में चार लाख की आबादी बसर करती है। इन वार्डों में अब कुत्ते पकड़ने का काम जल्द ही शुरू किया जाएगा। इसके लिए कंपनी मैसर्स श्याम हेल्पिंग इनसाइज का पालिका से 74.25 लाख रुपये का अनुबंध पहले ही हो चुका है। इसके बाद अब इन कुत्तों को पकड़ने के लिए कंपनी की टीम को लखनऊ के नगर निगम में भेजा गया है, जहां पर टीम प्रशिक्षण ले रही है। यह प्रशिक्षण अब लगभग पूरा होने वाला है। यहां टीम कुत्तों को पकड़ने के लिए जाल बिछाने और इसके बाद कुत्तों को पकड़कर एबीसी सेंटर में बांधने का काम सीख रही है। इसके साथ कुत्तों का बधियाकरण कराने के लिए भी बारीकियां सिखाई जा रही हैं। एक हफ्ते तक इनका प्रशिक्षण और चलेगा। इसके बाद टीम रामपुर पहुंचकर अपना काम शुरू कर देगी। बता दें कि एक साल पहले भी 44 लाख रुपये का ठेका हुआ था, लेकिन कंपनी से बात न बन पाने की वजह से इतना समय बीत गया और बधियाकरण नहीं हो पाया था। अब इस प्रक्रिया को जल्द शुरू कराया जाएगा। अधिकारी बताते हैँ कि 500 कुत्ते पकड़कर उनका बधियाकरण कराने का लक्ष्य रखा गया है।
नगर पालिका में पालतू कुत्तों के रजिस्ट्रेशन भी करना शुरू हो गए हैं, लेकिन अभी शहर के लोग इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं। ऐसे में दो-चार के अलावा किसी ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है।
शहर में एनीमल बर्थ कंट्रोल यानी एबीसी सेंटर का पनवड़िया में काम पूरा हो चुका है। कुछ तकनीकी काम चल रहा था वह भी अब पूरा हो चुका है। अब टीम की ट्रेनिंग के बाद काम शुरू हो जाएगा।