रामपुर। समय से पहले जन्म लेने और कम वजन वाले नवजातों के लिए जिला महिला अस्पताल को जल्द ही दो सीपैप मशीनें मिलेंगी। शासन ने अस्पताल की मांग और सीएमएस के विशेष अनुरोध पर मशीनें उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
महिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब 7-8 प्रसव होते हैं। इनमें एक से दो बच्चे समय से पहले जन्म लेने या कम वजन वाले होते हैं। ऐसे नवजातों को सांस लेने में दिक्कत होने पर सीपैप मशीन की जरूरत पड़ती है। अभी अस्पताल में मशीन उपलब्ध नहीं होने के कारण गंभीर स्थिति वाले नवजातों को मुरादाबाद या दिल्ली रेफर करना पड़ता है। सीपैप की सुविधा फिलहाल मंडलीय जिला अस्पतालों या निजी अस्पतालों में ही उपलब्ध है।
अस्पताल के सीएमएस ने इस समस्या को शासन के समक्ष रखा था। इसके बाद महिला अस्पताल के लिए दो सीपैप मशीन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। अस्पताल पहुंचने के बाद मशीनों को एसएनसीयू में लगाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इससे समय से पहले जन्मे और कम वजन वाले नवजातों को उपचार के लिए बाहर भेजने की जरूरत कम होगी और उन्हें समय पर सांस संबंधी सहायता मिल सकेगी।
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ऐसे काम करती है सीपैप मशीन
सीपैप मशीन नवजात के फेफड़ों तक लगातार नियंत्रित दबाव के साथ हवा पहुंचाती है। इससे सांस लेने में परेशानी वाले बच्चे के फेफड़े खुले रखने में मदद मिलती है और शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बेहतर बना रहता है। खासतौर पर समय से पहले जन्मे और कम वजन वाले नवजातों के लिए यह सुविधा महत्वपूर्ण है। मशीन की मदद से ऐसे बच्चों को शुरुआती उपचार महिला अस्पताल में ही मिल सकेगा और गंभीर स्थिति में रेफर करने की जरूरत कम होगी।
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शासन ने महिला अस्पताल के लिए दो सीपैप मशीन उपलब्ध कराने की मंजूरी दी है। मशीनें मिलने के बाद एसएनसीयू में इन्हें लगाया जाएगा। समय से पहले जन्मे और कम वजन वाले नवजातों को सांस लेने में परेशानी होने पर तत्काल उपचार मिल सकेगा। -डॉ. अनवर सादात, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल