रामपुर। एक महिला अपने घर में ही कपड़े का फंदा बनाकर पंखे से बांधकर झूल गई। इससे उसकी मौत हो गई। हालांकि, महिला के मायके वालों का आरोप है कि ससुराली दहेज के लिए परेशान करते थे। मांग पूरी न होने पर ससुरालियों ने मार दिया। मृतका के भाई की तहरीर के आधार पर पुलिस ने पति समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के ग्राम अजीतपुर की है। ग्राम बढ़पुरा निवासी रामौतार की बहन ऊषा उम्र करीब 24 वर्ष की शादी करीब चार से पांच साल पहले अजीतपुर चोटी वाला मंदिर निवासी सुरेश पुत्र केसरी से हुई थी। तब उन्होंने हैसियत के मुताबिक दान दहेज दिया था। आरोप है कि ससुराल वाले दहेज से खुश नहीं थे और दहेज में डेढ़ लाख रुपये व एक मोटरसाइकिल की मांग करते थे। करीब दो साल पहले जब ससुरालियों ने दहेज के लिए उसकी बहन से मारपीट की तो दहेज अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया। तब समाज के कुछ इज्जतदार लोगों ने समझौता करा दिया था। कुछ दिन बाद फिर से ससुराली दहेज के लिए ऊषा को परेशान करने लगे थे। इसी से त्रस्त होकर नौ जून को करीब छह बजे ऊषा ने कपड़े का फंडा बनाकर छत वाले पंखे से बांध दिया और फंदा बनाकर लटक गई। इससे उसकी मौत हो गई। आरोप है कि ससुरालियों से फोन कर ऊषा की मौत की जानकारी दी। रामौतार की तहरीर के आधार पर सिविल लाइंस पुलिस ने मृतका के पति सुरेश, सास भूरी, जेठ रमेश, मक्खन, ननद सरोज, जेठानी पूनम एवं रामगोपाल सैनी के खिलाफ दहेज अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। इंस्पेक्टर दुुर्गा सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।