रामपुर। सीएए के विरोध में 21 दिसंबर को हुई शहर में हिंसा के आरोप में पुलिस द्वारा पकड़े लोगों में से कुछ लोगों को बेकसूर बताते हुए रिहा किए जाने की मांग की जा रही है। इसी को लेकर सोमवार रात व मंगलवार को सैकड़ों महिलाएं जामा मस्जिद पहुंच गई थीं और शहर इमाम को पद से हटाने की मांग करते हुए उलमा से मुलाकात कर उनके बेकसूर परिजनों को रिहा करवाने की मांग की थी। इसके बाद बुधवार को भी महिलाएं जामा मस्जिद पहुंच गई और परिजनों को रिहा कराने की मांग की।
शहर इमाम मुफ्ती महबूब अली साहब ने कहा कि यदि किसी को धरना देना है या विरोध जताना है तो डीएम-एसपी साहब की कोठी पर जाएं। जामा मस्जिद इबादत का स्थान है यहां पर आकर अल्लाह का नाम लें और नमाज पढ़ें। उन्होंने कहा कि बेकसूरों को रिहा कराने को लेकर लगातार पुलिस-प्रशासन से वार्ता की जा रही है। इस संबंध में नवागत एसपी संतोष कुमार मिश्रा से भी वार्ता की गई है। जिस दौरान एसपी ने कहा कि उनकी तैनाती अभी हुई है और उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है। पूरी जानकारी करने के बाद वो आवश्यक कार्रवाई करेंगे और अगर कोई बेकसूर है तो उसे रिहा किया जाएगा।