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एक अप्रैल से शुरू होगी गेहूं खरीद

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रामपुर। जिले में एक अप्रैल से 15 जून तक गेहूं खरीद की जाएगी। इसको लेकर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने कलक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक की। अफसरों से गेेहूं खरीद की तैयारियों के बारे में जानकारी ली एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
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जिलाधिकारी ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी अनुपम कुमार को निर्देशित किया कि वह केंद्रों पर किसानों की सुविधा के दृष्टिगत स्वच्छ पेयजल, छाया एवं अन्य सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कराएं तथा केंद्र प्रभारी समय से क्रय केंद्र का संचालन करें। इसके लिए उनकी नियमित रूप से मॉनिटरिंग भी होनी चाहिए। गेहूं क्रय प्रक्रिया को शासन के निर्देशानुसार पारदर्शी व्यवस्था के साथ लागू कराने के संबंध में सभी निर्देशों का सख्ती से अनुपालन कराएं। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में कुछ क्रय केंद्रों को मॉडल क्रय केंद्र के रूप में भी बनाया जाए, जहां किसानों के लिए केंद्र को आकर्षक बनाने के लिए केंद्र की सजावट और कूलर सहित अन्य विशेष सुविधाएं होनी चाहिए। गेहूं क्रय के लिए शासन द्वारा निर्धारित वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। किसान ऑनलाइन पंजीकरण किसी भी जन सुविधा केंद्र, साइबर कैफे या स्वयं वेबसाइट के माध्यम से कर सकते हैं। ऐसे किसान जिन्होंने धान बिक्री के लिए पंजीकरण कराया था, उन्हें गेहूं बिक्री के लिए पुन: पंजीकरण करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन उस पंजीकरण को पुन: लॉक करना जरूरी होगा। किसानों द्वारा पंजीकरण के उपरांत उनके पंजीकरण का सत्यापन संबंधित उपजिलाधिकारी के माध्यम से कराया जाएगा तथा यदि कोई किसान सौ कुंटल गेहूं क्रय केंद्र पर विक्रय करते हैं, तो उनके रजिस्ट्रेशन का ऑनलाइन सत्यापन नहीं किया जाएगा। बटाईदार तथा चकबंदी के अंतर्गत गांव के किसानों का गेहूं का शत-प्रतिशत सत्यापन होगा तथा बटाईदार से अधिकतम सौ कुंटल गेहूं ही क्रय किया जा सकेगा। किसानों द्वारा क्रय केंद्र के लिए ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था है। गेहूं क्रय के समय कृषक द्वारा समस्त भू-अभिलेख जैसे पंजीकरण प्रपत्र, खतौनी, बैंक पासबुक, आधार केंद्र प्रभारी को दिखाना होगा। केंद्र प्रभारी द्वारा प्रतिदिन ई-उपार्जन पोर्टल पर खरीद के विवरण को ऑनलाइन अपलोड करना होगा। साथ ही निर्धारित प्रक्रिया के तहत 72 घंटे में संबंधित कृषक को पीएफएमएस के माध्यम से भुगतान सुनिश्चित होगा।
केंद्र पर गेहूं की छनाई या सफाई की जाएगी, तो उसका भुगतान अधिकतम 20 रुपये प्रति कुंतल के अनुसार कृषक द्वारा लेबर को देना होगा। मानकों के विपरीत होने पर यदि किसान के गेहूं को रिजेक्ट किया जाता है, तो केंद्र प्रभारी द्वारा गेहूं रिजेक्ट करने के कारण सहित किसान का मोबाइल नंबर एवं अन्य विवरण सुरक्षित रखना होगा। केंद्र प्रभारी द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप होने के बावजूद भी यदि रिजेक्शन किया जाता है, तो संबंधित केंद्र प्रभारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि क्रय केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक कांटा, छलना, पंखा, बोरी, नमी मापक यंत्र, डस्टर आदि व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से मौजूद होनी चाहिए। इसके साथ ही किसानों की सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा जाए। इसके लिए उनके बैठने के लिए उचित व्यवस्था व शुद्ध पेयजल की व्यवस्था के साथ-साथ मास्क एवं हैंड सैनिटाइजर की भी व्यवस्था होनी चाहिए। गेहूं खरीद की मॉनिटरिंग के लिए जनपद स्तर पर 0595-2329575 कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है, जो प्रात: नौ बजे से शाम छह बजे तक संचालित रहेगा। इसके साथ ही टोल फ्री नंबर 18001800150 पर भी किसान अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। जनपद में मंडी परिसर में स्थापित क्रय केंद्रों पर पूरे जनपद के किसी भी गांव के पंजीकृत किसान अपने गेहूं की बिक्री कर सकते हैं। मंडी परिषद से बाहर के क्रय केंद्रों का ग्राम संबद्धीकरण किया जा रहा है। ग्राम संबद्धीकरण के संबंध में जिलाधिकारी ने यथाशीघ्र प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए।
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