जनपद में रविवार को हुई मूसलाधार बारिश सड़कों के साथ ही मॉल, मकान, अंडरग्राउंड शोरूम समेत कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई। सीडीओ आवास से लेकर, हस्तशिल्प कार्यालय, नहर खंड सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता का आवास, सीएमओ कार्यालय, लोक निर्माण विभाग और बीएसए कार्यालय जलमग्न रहे। अधिकारियों की आवाजाही भी बंद हो गई। शहर में लोगों ने कहीं डिवाइडर तोड़कर पानी निकाला तो पाइप लगाकर पानी निकालते नजर आए।
रामपुर शहर में रविवार को जैसे-तैसे लोगों ने रात जागकर गुजारी। दूसरे दिन सोमवार को भी बारिश का कहर साफ दिखाई दिया। जगह-जगह सड़कों से लेकर गलियों तक पानी-पानी रहा। लोगों के घरों में भरा लबालब पानी निकालने के लिए लोग जुटे रहे। घरों में पानी इस कदर भरा रहा कि दूसरे दिन भी पानी नहीं निकल सका। इस दौरान लोगों के सोफे, गददे, बिस्तर समेत कपड़े-लत्ते भीगे पड़े रहे। मोहल्लों में गलियाें तक पानी भरा रहा। इस दौरान लोग घरों के बर्तनों से पानी निकालने की कोशिश करते रहे। शहर में ज्वालानगर, शाहबाद गेट, पहाड़ी गेट, आसरा कालोनी, आदर्श नगर, बिष्णु विहार समेत कई इलाको में पानी निकालने के लिए कई जगह डिवाइडर को तोड़ दिया गया और नाले में पानी को छोड़ा गया तो कहीं पर पाइप लगाकर और इंजन के जरिए पानी निकाला गया। खास बात यह है कि जिले के बड़े अधिकारियों के कार्यालय और आवास भी नहीं छूटे। सीडीओ आवास पूरी तरह से डूब चुका है। जबकि सिंचाई नहर खंड के एक्सईएन का आवास पूरी तरह से लबालब पड़ा हुआ है। वहीं हस्तशिल्प कार्यालय में रखे लाखों के कागजात पानी की भेंट चढ़ गए। इतना नहीं सीएमओ और बीएसए कार्यालय में भी पानी भरा रहा। दूसरे दिन अधिकारी भी कार्यालय नहीं जा सके। सभी पानी निकलवाने के लिए कोशिशाें में लगे रहे। वहीं रामपुर में रेलवे ट्रैक् पर अब पानी कुछ उतर गया है। वहीं डायमंड रोड और टॉकीज से भी पानी निकाल दिया गया है। 0.7 किलोमीटर की रफ्तार से चली हवाओं के साथ मौसम में ठंडक आ गयी। वहीं बिलासपुर में सोमवार की सुबह करीब 11 बजे उप जिलाधिकारी ने केमरी रोड स्थित ग्राम नगरिया कला के मोहल्ला आनंद नगर पहुंचकर रोड किनारे बंद नाले को जेसीबी के जरिए खुलवाया।
इसके बाद पानी की निकासी हो सकी। इसके बाद वह ग्राम रामनगरिया स्थित राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख आवास के समीप एक कॉलोनी में पहुंचे। उन्होंने यहां भी जेसीबी के जरिए नाला खुलवाकर पानी की निकासी कराई। एसडीएम ने बताया कि उन्होंने नगर का भी भ्रमण किया है, लेकिन नगर में जल भराव की कोई खास समस्या नजर नहीं आई है। फिर भी नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को निर्देश कर दिया गया है। वहीं शाहबाद में जल भराव की स्थिति अब सामान्य है। यहां नालापार,मस्जिद काजी, मोहल्ला शाादात, नई बस्ती, नई कालोनी समेत तमाम इलाकों में हुए जल भराव देर शाम तक कम हो गया। वहीं टांडा में मोहल्ला बरगद, मो.भव्वलपुरी, पड़ाव, हाजीपुरा, सेटाखेड़ा समेत कई इलाके लबालब हो गए थे। जिसमें सोमवार को पानी निकासी हो गयी थी। यहां लोगों ने अपने संसाधन से पानी को निकाला। जबकि मिलक में सीएचसी में पानी भरा था, जो सोमवार को निकाल दिया गया है। इसके अलावा स्वार में पीएचसी के साथ ही कई जगह पानी भरा रहा।
जनजीवन रहा अस्त-व्यस्त
शहर में आमजन की जिंदगी ठहर सी गई। पहले दिन बारिश की मार झेल चुका रामपुर के बाशिंदे दूसरे दिन रहा-बचा सामान लेकर जीवन को पटरी पर लाने की कोशिश करते दिखे। लोग अपने घरों से पानी निकालने की कोशिश करते रहे। आसपास के मोहल्ले में नहाने और खानपान की व्यवस्था की गई। लोगों का कहना है कि यह बारिश बाढ़ से कम नहीं थी।