कोसी नदी में जलस्तर कम होने के साथ ही कोसी ने कटान तेज कर दिया है। कटान से करीब डेढ़ दर्जन गांव के सैकड़ों किसानों की जमीनों को कोसी ने अपने आगोश में ले लिया है। परेशान किसानों ने प्रशासन से गुहार लगायी है। अभी तक किसी भी अधिकारी अथवा कर्मचारी ने मौके पर जाकर निरीक्षण करने की जहमत नहीं उठाई है।
पिछले कई दिनों से मूसलाधार बारिश हो रही है,लेकिन जहां एक ओर नदी के जल स्तर में गिरावट आने के बाद किसानों की मुसीबत को बढ़ाया है,वहीं दूसरी ओर जलभराव ने लोगों को परेशानी में डाल दिया है। कोसी नदी के सीमापवर्ती क्षेत्रो में कटान जारी है। सोमवार को जलस्तर घटने के साथ ही कोसी का कटान पहले से ज्यादा बढ़ गया है।
क्षेत्र के ईश्वरपुर, लालपुर, हकीमगंज, सींगनखेड़ा, खिजरपुर, रवन्ना, शौकतनगर, इमरता, बजावाला, चांदपुर, पसियापुरा, मंगुपुरा, मझरा दलेलनगर, बैंजना आदि गांव में कटान हो रहा है। कटान से तमाम किसानों की फसलों को नष्ट कर दिया है। इसके साथ ही पीलाखाकर नदी ने भी कई गांव में कटान करते हुए किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है।
सबसे अधिक नुकसान गन्ना किसानों को हुआ है। उन्हें अपने गन्ने की फसल को पशुओं को खिलाना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि कटान की सूचना संबंधित लेखपाल सहित तहसील प्रशासन को दी गयी है। वावजूद इसके कोई अधिकारी अथवा कर्मचारी निरीक्षण को नहीं पहुंचा है। जिससे किसानों में असंतोष बढ़ रहा है।