रामपुर। सपा नेता आजम खां के खिलाफ दर्ज गवाह को धमकाने के मामले में एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने गवाह एवं रिटायर्ड शहर कोतवाल गजेंद्र त्यागी के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी।
यह मामला मोहल्ला बेरियान निवासी नन्हे की शिकायत पर 17 अगस्त 2022 को शहर कोतवाली में दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वह डूंगरपुर प्रकरण के एक मुकदमे में वादी हैं, जिसमें आजम खां भी आरोपी हैं। नन्हे के मुताबिक, कुछ लोग उनके घर पहुंचे और आजम खां के खिलाफ गवाही देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
मामले की विवेचना तत्कालीन शहर कोतवाली प्रभारी गजेंद्र त्यागी ने की थी। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष ने गजेंद्र त्यागी को इस मुकदमे का महत्वपूर्ण गवाह बनाया है।
बुधवार को कोर्ट में सुनवाई के दौरान गजेंद्र त्यागी उपस्थित नहीं हुए, जिससे उनकी गवाही दर्ज नहीं हो सकी। इस पर कोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी करते हुए अगली तारीख पर हर हाल में उपस्थित होने के निर्देश दिए।
एडीजीसी सीमा राणा ने बताया कि गवाह के अनुपस्थित रहने के कारण सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी। अब 27 जुलाई को गवाह की उपस्थिति के बाद मामले में सुनवाई होगी।
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गैंगस्टर एक्ट के दोषी को तीन साल 15 दिन की सजा
कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में मुरादाबाद के बिलारी थाना क्षेत्र के सहसपुर बाबू निवासी आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन साल 15 दिन के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला शाहबाद कोतवाली में चार जुलाई 2016 को दर्ज किया गया था।