सूबे के कद्दावर मंत्री मोहम्मद आजम खां समेत सपा के चारों प्रत्याशियों के नामांकन के दौरान नियमों की खूब धज्जियां उड़ीं। जोश के आगे आचार संहिता की लक्ष्मण रेखा को सपाई लांघ गए। डीएम कोर्ट में निर्वाचन अधिकारी के सामने ही खुद आजम खां भी फोन पर बातें करते रहे। इतना ही कलक्ट्रेट में आजम खां जिंदाबाद के नारे लगते रहे। कार्यकर्ता नामांकन कक्ष में भी घुस गए। लेकिन सब इतना ही नहीं सड़क से लेकर कलेक्ट्रेट तक खूब धज्जियां उड़ीं, लेकिन अफसर अनजान बने रहे।
चुनाव आचार संहिता लागू है। आचार संहिता का पालन कराने के लिए लगातार प्रशासन दूसरे दलों पर दबाव बना रहा है साथ ही किसी भी तरह का उल्लंघन न हो इसके लिए कलक्ट्रेट की जबर्दस्त नाकेबंदी की गई है। मगर, मंगलवार को सभी व्यवस्थाएं धरी की धरी रह गईं। मंगलवार को कलक्ट्रेट में नामांकन कराने जब कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम चारों प्रत्याशियों अपने बेटे अब्दुल्ला आजम, नसीर खां और विजय सिंह के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे तो सपाई जोश में आचार संहिता की लक्ष्मण रेखा को ही पार कर गए। स्टार चौराहे पर जुलूस को पुलिस ने रोक दिया।
इसके बाद भी तमाम सपाई पुलिस से भिड़कर कलक्ट्रेट तक पहुंच गए। पुलिस इनको रोकने की भरसक कोशिश करती रही, लेकिन कलक्ट्रेट में सैकड़ों की संख्या में सपाई पहुंचे और नामांकन के बाद आजम खां जिंदाबाद के भी खूब नारे लगाए, जिस पर आजम खां ने कार्यकर्ताओं को शांत कराया। नामांकन कक्ष में आचार संहिता की धज्जियां उड़ी। निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम सदर अभय गुप्ता के सामने ही सूबे के कद्दावर मंत्री फोन पर बातें करते रहे।