दढ़ियाल में डेंगू पीड़ित राजमिस्त्री की मौत हो गई। जिस पर ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र से पहुंचे डाक्टर का घेराव कर हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना पर पहुूंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। जिले में अब तक 65 बुखार-डेंगू पीड़ितों की मौत की खबरें आ चुकी हैं।
दढ़ियाल के मोहल्ला बाजार निवासी इमदाद हुसैन के बेटे हाजी रईस को पिछले चार दिनों से बुखार आ रहा था। परिजनों के मुताबिक रईस को डेंगू था। जिसका इलाज स्थानीय चिकित्सक से कराया जा रहा था। बुधवार की सुबह हालात गंभीर होने पर परिजनों ने उसे बाजपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर डाक्टर द्वारा कराई गई पैथोलॉजी जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। रईस की हालात और बिगड़ने पर परिजन उसे मुरादाबाद के एक अस्पताल ले जाने लगे। इसी दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
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डेंगू पीड़ित की मौत की सूचना पर दढ़ियाल स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. रमेश कुमार भी मृतक के घर पर पहुंच गए। जहां पर गुस्साए ग्रामीणों ने उनका घेराव कर लिया और खरी-खोटी सुनाने लगे। ग्रामीणों का आरोप था कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा बुखार की रोकथाम व उपचार को लेकर लापरवाही बरती जा रही है। चिकित्सक के घेराव की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस को देख कर ग्रामीणों का गुस्सा और भड़क गया। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
पुलिस ने बामुश्किल ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। ग्रामीणों ने मुर्गी दाना फैक्ट्रियों से फैल रहे प्रदूषण के कारण बुखार का कहर बढ़ने की आशंका जताई है। ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर मुर्गी दाना फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।