केंद्रीय भूतल परिवहन और जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सड़क की तर्ज पर जल मार्ग को विकसित किया जाएगा। वाराणसी से हल्दिया के बीच इनलैंड वाटरवेज के प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही गंगा नदी में पानी के जहाज चलने शुरू हो जाएंगे। गडकरी ने कहा कि चार हजार करोड़ से इनलैंड वाटरवेज डेवलप किया जा रहा है।
जल मार्ग से सफर करना काफी सस्ता होता है। जल मार्ग का किराया सड़क और रेल मार्ग के मुकाबले काफी कम होगा। गंगा नदी को स्वच्छ करने के साथ-साथ रोजगार के साधन भी बनाए जाएंगे। वाराणसी से लेकर हल्दिया तक वाटर ड्राफ्ट बनाए जा रहे हैं। इससे गंगा में हमेशा कम से कम तीन मीटर पानी रहेगा।
नदियों में जो पानी रहेगा उसका फायदा मछुआरों और किसानों को होगा। एयर ट्रैफिक कंट्रोल की तरह गंगा में रिवर ट्रैफिक कंट्रोल शुरू किया जा रहा है। गंगा में 30 वाटर पोर्ट बनाए जाएंगे। फायदा ये होगा कि गंगा के किनारे स्थित शहरों में उद्योग लगेंगे।
इन शहरों के उद्यमी जल मार्ग से बांग्लादेश और म्यांमार तक अपने उत्पाद का निर्यात कर सकेंगे। देश की 110 नदियों को आपस में जोड़ने का काम शुरू किया जाएगा। इससे संबंधित बिल लोकसभा में पास हो चुका है, अब राज्यसभा में पास होना बाकी रह गया है।