रामपुर। विकास खण्ड टांडा, स्वार, सैदनगर एवं रामपुर अर्बन में डिप्थीरिया (गलघोंटू) के मामले प्रकाश में आ रहे हैं, जिसका प्रमुख कारण यह है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे नियमित टीकाकरण अभियान के दौरान कुछ परिजन अपने बच्चों में टीकाकरण नहीं कराते हैं। जबकि, डिप्थीरिया जैसी जानलेवा बीमारियों पर प्रभावी रोकथाम के लिए यह बेहद जरूरी है कि नियमित टीकाकरण अभियान के दौरान कोई भी बच्चा टीकाकरण से नहीं छूटना चाहिए।
जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह कलक्ट्रेट सभागार में मिशन इंद्रधनुष 2.0 के आगामी तीन से 13 फरवरी तक आयोजित होने वाले टीकाकरण अभियान की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक कर रहे थे। जिलाधिकारी ने टीकाकरण अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता से लागू कराने में लापरवाही बरतने एवं नियमित मॉनीटरिंग न करने पर टांडा स्थित स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी का वेतन रोकते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के संबंध में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी मनोज कुमार शुक्ला को निर्देशित किया। डिप्थीरिया के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों के परिजनों को टीकाकरण के महत्व को समझना होगा, तभी वह अपने बच्चों को सुरक्षित भविष्य दे पाएंगे। डिप्थीरिया (गलघोंटू) एक बेहद खतरनाक बीमारी है, जो टीकाकरण न होने के कारण बच्चों में पनप रही है। समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में वर्ष 2020 में ही दो पोलियो के मामले प्रकाश में आए हैं। यद्यपि पाकिस्तान पड़ोसी देश है, इसलिए यह मामला अत्यंत चिंताजनक है। पोलियो के वायरस का संक्रमण हमारे देश में पनपने से रोकने के लिए यह बेहद जरूरी है कि टीकाकरण शत प्रतिशत सुनिश्चित होना चाहिए। इसके लिए उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी और जिला पूर्ति अधिकारी को भी निर्देशित किया कि वे ग्रामीण स्तर पर ग्राम प्रधान एवं कोटेदार का भी सहयोग लें। साथ ही कहा कि राजस्व विभाग के कार्मिकों द्वारा मिशन इंद्रधनुष के तहत टीकाकरण की मॉनीटरिंग कराई जाएगी। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि स्थानीय स्तर पर आशा एवं एएनएम द्वारा अभियान में रुचि नहीं ली जा रही है, जिस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ऐसी एएनएम एवं आशाओं को चिन्हित करते हुए उनके विरुद्ध बर्खास्तगी की कार्रवाई सुनिश्चित कराएं। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी शिवेंद्र कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।