बिलासपुर के नबाबगंज गांव में शहीद बलजीत सिंह चौक पर किसानों को दिल्ली जाने से रोकने को मुस्तैद पु
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स्वार (रामपुर)।कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर दिल्ली की सीमा पर बैठे किसानों के समर्थन में उत्तराखंड के किसानों ने 25 दिसंबर को दिल्ली कूच की घोषणा की थी। उत्तराखंड के किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए उत्तराखंड बार्डर, मसवासी तिराहा, बिलासपुर तिराहे पर भी भारी पुलिस बल तैनात रहा। किसानों की तादाद एवं उनके आक्रोश को देखते हुए पुलिस प्रशासन बैकफुट पर रहा। उत्तराखंड से काफिला निकलते ही यूपी पुलिस ने उन्हें रोकने तक कि जहमत तक नहीं उठाई और किसानों का काफिला मुरादाबाद की ओर निकल गया।
बॉर्डर पर किसानों और उनके वाहनों को रोकने के लिये बड़े पत्थर व मिट्टी से भरे वाहनों को सड़क के मध्य खड़ा कर दिया गया था। शुक्रवार की सुबह लगभग 10 बजे किसान वाहनों के साथ यूपी उत्तराखंड बॉर्डर पर पहुंच गए। किसानों को दिल्ली न जाने के लिए मनाते हुए पुलिस प्रशासन ने मौजूद लोगों से वार्ता की। काफी देर तक गहमागहमी के बाद किसान भड़क गए और अपने वाहनों में बैठ कर बार्डर पर लगे सभी पत्थरों की बैरिकेडिंग को ध्वस्त कर दिल्ली के लिए निकल पड़े। दिल्ली कूच करने करने वालों में गुरुद्वारा नानकसर के बाबा प्रताप सिंह, बाजपुर पालिका अध्यक्ष गुरजीत सिंह, भाकियू प्रदेश अध्यक्ष करमजीत सिंह पड्डा, कुलविंदर सिंह किंदा, चितरंजन सिंह बिल्लू, सतनाम सिंह, गुरनाम सिंह, जरनैल सिंह, परगट सिंह, बलकार सिंह, संदीप सिंह, अमनदीप सिंह, कमलजीत सिंह, कुंवरजीत सिंह पुनिया, लखवीर सिंह, कुलदीप सिंह, कुलवीर सिंह, लखविंदर सिंह, गुरनाम सिंह, अवतार सिंह आदि शामिल रहे।
स्वार में किसानों के कूच से पहले पत्थर लगाती क्रेन। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : RAMPUR