अंधविश्वास के चलते भाभी ने रात में ननद की चोटी काट दी। जाग होने के कारण ननद ने इसका विरोध किया तो भाभी ने उसे धक्का दे दिया। जब भाभी पर पंचायत ने बीस हजार का जुर्माना लगाया तो मामला पुलिस के पास पहुंच गया।
अंधविश्वास के चलते तहेरी भाभी ने नाबालिग ननद की चोटी काट ली। पंचायत में भाभी पर डाले गए जुर्माने के बाद मामला कोतवाली पहुंच गया। कोतवाली क्षेत्र के करींगा गांव में रात के वक्त घर में सो रही नाबालिग की चोटी उसकी तहेरी भाभी ने काट ली।
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चोटी को काटते समय नाबालिग की आंख खुल गई और उसने इसका विरोध किया। तब तक भाभी चोटी काट चुकी थी। विरोध करने पर नाबालिग को धक्का देकर फरार हो गई। घटना के दूसरे दिन नाबालिग के परिजनों ने भाभी और उसके पति को पंचायत में बुलाया।
पंचायत ने चोटी काटने पर भाभी पर बीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। भाभी कोतवाली पहुंची और उसने नाबालिग के परिजनों के खिलाफ अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी।
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बृहस्पतिवार को पुलिस ने दोनों पक्षों को कोतवाली बुलवाया। नाबालिग ने आरोप लगाया कि अंधविश्वास के चलते उसकी तहेरी भाभी ने सोते समय उसकी चोटी काट ली और दरवाजे पर रख दी। विरोध करने पर उसे धक्का दे दिया।
जिससे वह चोटिल हो गई। कोतवाल धनंजय सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों का समझौता हो गया है। दोनों ही पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने से इनकार कर दिया।