अखिलेश बोले- हम तजीन की बात से सहमत
तजीन फात्मा के बयान पर लखनऊ में जब पत्रकारों ने सपा मुखिया अखिलेश यादव से बात की तो वह बोले, हम उनकी बात से सहमत हैं। उनके खिलाफ जो झूठे मुकदमे कराए गए हैं, वो किससे कहें... हम किससे कहें। उन्हें कोर्ट से इंसाफ मिल सकता है या ऊपर वाले से। सरकार बदलने पर भी उनकी मदद हो सकती है। अखिलेश के इस बयान की भी रामपुर के सपाइयों में खूब चर्चा हो रही है।
चंद्रशेखर से बढ़ रहीं नजदीकियां
आजम खां के परिवार की आजाद समाज पार्टी के नेता चंद्रशेखर आजाद से भी नजदीकियां बढ़ रहीं हैं। वह कई बार जेल में बंद आजम खां, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम और तंजीम फात्मा से मुलाकात कर चुके हैं। आजम खां के पक्ष में खुलकर बोलते भी हैं।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान आजम खां और चंद्रशेखर मिलकर नया मोर्चा बना सकते हैं। इससे दलित और मुस्लिम गठजोड़ को मजबूती मिलेगी। ऐसा हुआ तो यह सपा मुखिया अखिलेश यादव के लिए चुनौती होगी कि वह मुस्लिमों को कैसे पार्टी से जोड़े रखते हैं।
सियासत में आजम का दबदबा
रामपुर की सियासत में लंबे समय तक आजम खां का दबदबा रहा है। वह शहर से 10 बार विधायक चुने गए। राज्यसभा और लोकसभा सदस्य भी रहे हैं। प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष भी बने और चार बार सपा सरकार में कई विभागों में मंत्री रहे। उनकी पत्नी तजीन फात्मा भी राज्यसभा सदस्य रहने के साथ ही शहर से विधायक चुनीं गईं।
बेटे अब्दुल्ला आजम दो बार स्वार-टांडा विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे, लेकिन दोनों बार उनकी विधायकी कोर्ट के आदेश से चली गई। पहली बार कम उम्र में चुनाव लड़ने तो दूसरी बार मुकदमे में सजा के कारण विधायकी गई। आजम खां की विधायकी भी सजा होने के गई।